ग्वालियर: दीपावली के समय कार्बाइड गन के उपयोग और इससे होने वाले हादसों को रोकने के लिए ग्वालियर पुलिस अब सख्त रवैया अपनाएगी। कार्बाइड गन का उपयोग करने वालों के खिलाफ अब FIR दर्ज होगी। पुलिस अबकी बार खुद सोशल मीडिया पर नजर रखेगी और ऐसे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करेगी।
💥 पिछले साल चर्चा में आई कार्बाइड गन
पिछले साल दिवाली के समय कार्बाइड गन का क्रेज़ कई लोगों के लिए हादसों का सबब बन गया था। कैल्शियम कार्बोनेट और पानी से चलने वाली इस गन से तेज़ धमाके की आवाज ने लोगों को इतना आकर्षित किया कि इससे होने वाले नुकसान कई जगह हादसों में बदले। प्रदेश भर में अलग-अलग जिलों से इस सस्ते धमाके से हुई दुर्घटनाओं के बाद प्रदेश में इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। लेकिन जागरूकता की कमी की वजह से कई लोगों ने इसका इस्तेमाल जारी रखा और बाद में कई लोगों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई भी की।
🚨 पिछले कुछ वर्षों में चलन में आई, कई हादसे हुए
दिवाली आने को है तो एक बार फिर पुलिस को कार्बाइड गन के खतरे की आशंका है और इसी के चलते पुलिस ने अभी से सख्ती बढ़ा दी है। ग्वालियर में पुलिस इसको लेकर जागरूकता अभियान भी चलाएगी। ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि, “कार्बाइड गन के उपयोग से पिछले कुछ सालों में कई हादसे हुए हैं जिनमें बच्चों की आंखें तक चली गई हैं। ऐसी घटनाएं आगे न हों इसके लिए इन गनों के इस्तेमाल पर रोक लगायी गई है।”
👮♂️ चप्पा-चप्पा छानेगी पुलिस, 40 पुलिसकर्मियों की बनाई टीमें
प्रदेश में मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष निगरानी के साथ ही जांच अभियान भी शुरू किया गया है। ऑपरेशन ईगल के तहत ग्वालियर में भी पुलिस के अधिकारियों, जवानों और क्राइम ब्रांच की भी बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अलग-अलग टीमें बनाकर 40 से ज़्यादा पुलिसकर्मियों को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जांच के लिये भेजा जा रहा है। ये दल पटाखों के साथ ही फैब्रिकेशन, हार्डवेयर और वेल्डर्स के प्रतिष्ठानों पर जांच करेंगे साथ ही उनके मैटेरियल और बिक्री का ब्योरा भी तैयार किया जाएगा।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.