Parvinder Jhota Murder Case: परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपी गई, मानसा पहुंचकर टीम ने संभाली कमान
एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की सनसनीखेज जांच अब आधिकारिक तौर पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथ में ले ली है. मंगलवार देर रात सीबीआई की एक विशेष टीम मानसा पहुँची और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके बाद मानसा पुलिस ने इस हत्याकांड से जुड़ी पूरी फाइल और दस्तावेज टीम को सौंप दिए. इसके बाद बुधवार को सीबीआई की टीम ने मृतक परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात कर उनके औपचारिक बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
🏛️ अमित शाह के दौरे के 6 घंटे बाद मानसा पहुँची CBI टीम, मुख्यमंत्री मान ने की थी घोषणा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को मानसा पहुँचे थे और उन्होंने परविंदर सिंह झोटा के शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए पूरा भरोसा दिलाया था कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जाँच करवाई जाएगी, और बुधवार तक सीबीआई की टीम मानसा पहुँच जाएगी. गृह मंत्री के पंजाब से रवाना होने के महज 6 घंटे के भीतर ही सीबीआई की टीम मानसा पहुँच गई और उसने पुलिस अधिकारियों से संपर्क करके केस से जुड़े तमाम अहम दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए. परिजनों की सख्त माँग को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को ही सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस हत्याकांड की जाँच पंजाब पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपने की घोषणा कर दी थी.
✊ 9वें दिन भी जारी रहा धरना और अंतिम संस्कार से इनकार, निष्पक्ष न्याय की उम्मीद
दूसरी ओर, परविंदर सिंह झोटा के परिवार और उनके समर्थकों का धरना आज बुधवार को लगातार नौवें दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी है. हत्या के इतने दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया है. झोटा के पिता भीम सिंह ने बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक उनकी सभी माँगे पूरी नहीं हो जातीं, परिवार तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेगा. आपको बता दें कि गत 13 अक्टूबर को केमिस्ट अश्विनी कुमार ने एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी, जिसके बाद से ही न्याय की माँग को लेकर लगातार रोष बना हुआ है. अब मामले में सीबीआई की एंट्री होने से परिवार को इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में निष्पक्ष कार्रवाई और त्वरित न्याय मिलने की उम्मीद बंध गई है.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.