Akash Vijayvargiya Namo Coaching: इंदौर में आकाश विजयवर्गीय की अनूठी पहल, कौटिल्य अकादमी के साथ मिलकर शुरू करेंगे ‘नमो कोचिंग सेंटर’
इंदौर: अपने पिता कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र में अभी से चुनावी तैयारी में जुटे पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय अब शहर के युवाओं को मुफ्त कोचिंग दिलाने जा रहे हैं. इसके लिए उन्होंने प्रसिद्ध कौटिल्य अकादमी के साथ मिलकर अपना खुद का कोचिंग सेंटर शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है. आकाश विजयवर्गीय ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरी तरह नि:शुल्क कोचिंग संस्था का नाम ‘नमो कोचिंग सेंटर’ होगा. इस कोचिंग सेंटर में विधानसभा 1 के अलावा इंदौर शहर के अन्य हिस्सों से भी मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कुल 100 बच्चों का चयन बारहवीं कक्षा की मेरिट के आधार पर किया जाएगा.
🧑🏫 विशेषज्ञ शिक्षक कराएंगे पढ़ाई, 5 हजार रुपए का स्टडी मटेरियल और दो बैचेस में चलेंगी क्लास
इस पहल के तहत चयनित बच्चों को कौटिल्य अकादमी की बेहद अनुभवी फैकल्टी और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा पढ़ाया जाएगा. इसके साथ ही चयनित विद्यार्थियों को करीब 5,000 रुपए मूल्य की स्टडी सामग्री (स्टडी मटेरियल) भी बिल्कुल मुफ्त दी जाएगी. आगामी नवंबर महीने में इस कोचिंग का भव्य शुभारंभ किया जाएगा. कोचिंग का संचालन कुल दो बैचेस में किया जाएगा. आगामी 25 अक्टूबर तक विभिन्न माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिसके बाद महज एक सप्ताह के भीतर चयन प्रक्रिया पूरी करके नवंबर से नियमित क्लासेज शुरू कर दी जाएंगी.
🏛️ बड़ा गणपति स्थित शासकीय स्कूल में होगा संचालन, आर्थिक तंगी से जूझ रहे मेधावी बच्चों को मिलेगी मदद
इस नि:शुल्क कोचिंग के सुचारू संचालन के लिए आकाश विजयवर्गीय ने कौटिल्य अकादमी के साथ आधिकारिक अनुबंध किया है. जिस प्रकार कौटिल्य अकादमी में बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतरीन तैयारी कराई जाती है, ठीक उसी तर्ज पर यहाँ भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा. इस कोचिंग का संचालन बड़ा गणपति स्थित सुभाष शासकीय स्कूल में रोजाना शाम को 5 से 7 बजे तक किया जाएगा. इस संबंध में हाल ही में जीडीसी (GDC) कॉलेज में एक विशेष सेमिनार का आयोजन भी किया गया है और जल्द ही शहर के अन्य कॉलेजों में भी ऐसे सेमिनार आयोजित किए जाएंगे. दरअसल, देश भर से युवा कोचिंग के लिए इंदौर आते हैं, लेकिन भारी-भरकम फीस न चुका पाने के कारण कई मेधावी बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं, ऐसे जरूरतमंद बच्चों को अब इस सेंटर के जरिए एक बेहतरीन मंच मिल सकेगा.
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