Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Chhindwara Congress Worker Assault: छिंदवाड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ता के अपहरण और मारपीट पर गरमाई सि... राहत मंजिल में ठहरे थे बापू, बेनजीर ग्राउंड पर हुई थी ऐतिहासिक जनसभा और प्रार्थना Nana Patekar Memories: भोपाल में नाना पाटेकर से जुड़े संस्मरण, श्रीराम तिवारी ने बताए 30 साल पुराने ... Dhar Pickleball Players Success: केरल में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में धार के 4 खिलाड़ियों ने जी... Madhya Pradesh News: जबलपुर में मेले के दौरान झूले में तकनीकी लापरवाही या युवकों की गलती? पुलिस ने म... Bilaspur Atal Awas Fire: बिलासपुर के अटल आवास में भीषण आग, रस्सी के सहारे 75 लोगों का हुआ रेस्क्यू Gariyaband Naxal Dump Seized: मैनपुर में नक्सलियों का बड़ा डंप बरामद, 2.5 किलो का टिफिन आईईडी और यूब... Balrampur Illegal Paddy Seized: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी से पहले बड़ी कार्रवाई, यूपी बॉर्डर पर 3 ट्रक... Kabirdham Baiga Children Death: कवर्धा में बैगा बच्चों की मौत के बाद प्रशासन सख्त, कलेक्टर तुलिका प्... Gariyaband Mahapanchayat News: गरियाबंद के कोकड़ी गांव में 128 गांवों के ग्रामीणों की महापंचायत, विस...

France Protests Update: फ्रांस में उग्र हुआ विरोध प्रदर्शन, 8 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे— 6 हजार से अधिक गिरफ्तारियां

5

फ्रांस में विरोध प्रदर्शन दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है. स्कूलों की कमियों और महंगाई के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन ने अब हिंसा का रूप ले लिया है. कई शहरों में आगजनी की घटनाएं हुई हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में करीब 8 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतर आए हैं और 6 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, मगर विरोध रुकने का नाम नहीं ले रहा है.

फ्रांस 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन के काफी करीब पहुंच गए हैं. लिमोज शहर की 143 साल पुरानी इमारत में आग लगा दी गई और कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं. प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग ऐतिहासिक मूर्तियों पर चढ़ गए, जबकि लिली और मार्सिले में प्रदर्शनकारियों के सरकारी इमारतों में घुसने की खबरें भी सामने आई हैं. बीते एक महीने से फ्रांस में यह विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है.

🎒 क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें और क्यों शुरू हुआ था यह आंदोलन?

प्रदर्शनकारियों की मांगें सिर्फ स्कूलों की समस्याओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे वेतन और पेंशन बढ़ाने, महंगाई पर काबू पाने और सरकारी सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग भी कर रहे हैं. वहीं, छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठा रहे हैं. छात्रों की सबसे बड़ी शिकायत स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर है. कई स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं और लंबे समय तक उनके गैरहाजिर रहने पर दूसरे शिक्षक नहीं आते, जिससे पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ता है. इसके अलावा, छात्रों ने भरी हुई क्लास, पीने के पानी की कमी, भीषण गर्मी, खराब स्कूल बिल्डिंग और लंबे स्कूल शेड्यूल को लेकर भी गहरी नाराजगी जताई है.

इस आंदोलन की शुरुआत 17 सितंबर को पेरिस के पास क्रेतै (Créteil) के एंटोनी डी सेंट-एक्जुपेरी हाईस्कूल से हुई थी, जहां शिक्षक स्टाफ और संसाधनों की कमी के खिलाफ हड़ताल कर रहे थे. महज 8 दिनों में यह आंदोलन 410 स्कूलों तक फैल गया और इसमें विश्वविद्यालयों के छात्र, माता-पिता, शिक्षक और मजदूर संगठन भी शामिल हो गए. 5 अक्टूबर को उत्तरी फ्रांस के लेंस शहर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस के एक ग्रेनेड से 15 साल के लड़के का हाथ बुरी तरह घायल हो गया, जिसके बाद चोट इतनी गंभीर थी कि उसका हाथ काटना पड़ा. इस घटना ने पुलिस की सख्ती के खिलाफ लोगों का गुस्सा और ज्यादा भड़का दिया.

🔥 क्यों नहीं थम रहा विरोध प्रदर्शन? जानिए इसके 4 मुख्य कारण

  1. महंगाई और वेतन का मुद्दा: प्रदर्शनकारी वेतन और पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि महंगाई के कारण लोगों पर खर्च का भारी बोझ बढ़ रहा है और कमाई से घर चलाना मुश्किल हो गया है.

  2. स्कूलों की खराब व्यवस्था: कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी, जर्जर बिल्डिंग और जरूरी सुविधाओं के अभाव से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिसके विरोध में वे बेहतर शिक्षा की मांग कर रहे हैं.

  3. पुलिस कार्रवाई से गुस्सा: लेंस में पुलिस के ग्रेनेड से 15 साल के छात्र का हाथ कटने की घटना के बाद पुलिस की आक्रामक कार्रवाई के खिलाफ लोगों की नाराजगी चरम पर पहुंच गई है.

  4. मांगें पूरी न होना: कुछ स्थानों पर आंशिक कदम उठाए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों की सभी मांगें पूरी नहीं हुईं, जिससे आंदोलन लगातार दूसरे इलाकों में भी फैलता चला गया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.