अमृतसर : अमृतसर में दवाइयों की अनियंत्रित खरीद-बिक्री के खिलाफ ड्रग विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब की सबसे बड़ी दवा मार्केट कटड़ा शेर सिंह स्थित ट्रेडर्स से लगभग 4.66 लाख रुपए की दवाइयां जब्त की हैं। विभागीय टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर देर शाम दुकान पर जांच की। इस दौरान 9 किस्मों की दवाइयों का स्टॉक कब्जे में लिया गया, जिनमें प्रेगाबालिन 300 मिलीग्राम के 20,510 कैप्सूल और प्रेगाबालिन व लोराज़ेपाम वाली 2,220 गोलियां शामिल बताई गई हैं।
ड्रग विभाग की इस कार्रवाई से दवाइयों के कारोबार में खरीद के रिकॉर्ड और नियमों के पालन को लेकर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जांच के दौरान दुकान के इंचार्ज द्वारा संबंधित दवाइयों का खरीद रिकॉर्ड पेश नहीं किया जा सका। इसके बाद विभाग ने दवाइयों का स्टॉक जब्त करते हुए अगली कानूनी कार्रवाई के लिए कदम उठाया।
🔍 गुप्त सूचना पर ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने की संयुक्त जांच और खुलासे
ज़ोनल लाइसैंसिंग अथॉरिटी कुलविंदर सिंह द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक देर शाम ड्रग कंट्रोल अधिकारी बबलीन कौर (अमृतसर-2) और ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुखदीप सिंह (अमृतसर-3) ने गुप्त सूचना के आधार पर कटड़ा शेर सिंह स्थित ट्रेडर्स की जांच की। जांच के दौरान दवाइयों के स्टॉक की पड़ताल की गई और खरीद संबंधी दस्तावेज मांगे गए। विभागीय जानकारी के अनुसार दुकान का इंचार्ज संबंधित दवाइयों का खरीद रिकॉर्ड पेश करने में विफल रहा। इस कारण टीम ने 9 किस्मों की दवाइयां जब्त कर लीं। जब्त किए गए स्टॉक की अनुमानित बाजार कीमत 4.66 लाख रुपए बताई गई है।
⚠️ 75 मिलीग्राम से अधिक क्षमता वाली दवाइयों की बिक्री पर पाबंदी का हवाला
ज़ोनल लाइसैंसिंग अथॉरिटी कुलविंदर सिंह द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया है कि जिला मैजिस्ट्रेट, अमृतसर द्वारा 75 मिलीग्राम से अधिक क्षमता वाली संबंधित दवाइयों के स्टॉक और बिक्री पर पाबंदी लगाई गई है। विभाग ने इस आदेश का हवाला देते हुए मामले को गंभीरता से लिया है। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कार्रवाई के दौरान खरीद रिकॉर्ड पेश न होने और संबंधित पाबंदी के आदेश को आधार बनाया गया है।
⚖️ एफ.आई.आर. दर्ज करने के लिए पुलिस को लिखा पत्र, आगे की कार्रवाई जारी
विभाग ने इस मामले में संबंधित थाना प्रभारी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत एफ.आई.आर. दर्ज करने के लिए लिखित अनुरोध भेजा है। इस तरह अब मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई भी अहम रहेगी। ड्रग विभाग की यह कार्रवाई दवाइयों के थोक कारोबार से जुड़े लाइसैंसधारियों और व्यापारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि दवाइयों की खरीद, स्टॉक और बिक्री संबंधी रिकॉर्ड के पालन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विभाग द्वारा की गई जांच और जब्ती के बाद अब संबंधित दस्तावेजों, दवाइयों के स्टॉक और पुलिस कार्रवाई के अगले चरण पर नजर रहेगी।
ड्रग कंट्रोल अधिकारी बबलीन कौर और ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुखदीप सिंह द्वारा की गई संयुक्त जांच के संबंध में विभागीय जानकारी के अनुसार गुप्त सूचना मिलने पर ट्रेडर्स की जांच की गई थी। जांच के दौरान दवाइयों का खरीद रिकॉर्ड पेश न किए जाने के कारण 9 किस्मों की दवाइयां जब्त की गईं। अधिकारियों द्वारा संबंधित थाना प्रभारी को बी.एन.एस. की धारा 223 के तहत एफ.आई.आर. दर्ज करने के लिए लिखित अनुरोध भी भेजा गया है।
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