केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को एक और नया जिला मिल गया है. नए जिले के ऐलान के साथ ही लद्दाख में अब कुल 8 जिले हो गए हैं. लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने आज शुक्रवार को ‘सांकू’ (Sankoo) को एक नए जिले के रूप में बनाने की अधिसूचना जारी की है. इस नए जिले का मुख्यालय सांकू में ही बनाया गया है.
राजस्व विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नया जिला ‘जम्मू और कश्मीर भूमि राजस्व अधिनियम, 1996’ (Jammu and Kashmir Land Revenue Act, 1996) की धारा 5 के तहत, 16 अक्टूबर 2026 की S.O. 284 के जरिए बनाया गया है. जम्मू-कश्मीर से अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के समय लद्दाख में मात्र 2 जिले थे, जिन्हें बाद में प्रशासनिक सुविधा और विकास के लिए बढ़ाया गया.
🗺️ सांकू जिले में शामिल हैं चार तहसीलें, कारगिल के अधिकार क्षेत्र में बदलाव
जारी अधिसूचना में यह भी बताया गया कि नए सांकू जिले में कुल चार तहसीलें बनाई गई हैं, जिसमें सांकू के अलावा जीएम पोर (GM Pore), टीएसजी (TSG) और ताइसुरू (Taisuru) तथा उनसे जुड़े सभी राजस्व गाँव शामिल होंगे.
इस अधिसूचना के आने के बाद कारगिल जिले के अधिकार क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. जिन तहसीलों और राजस्व गाँवों को अब नए सांकू जिले में शामिल कर लिया गया है, उन्हें आधिकारिक तौर पर कारगिल जिले के दायरे से हटा दिया गया है.
📈 अप्रैल में बनाए गए थे नए जिले, प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में कदम
इससे पहले अप्रैल में लद्दाख में जिलों का बड़ा विस्तार किया गया था. 27 अप्रैल को लद्दाख के उपराज्यपाल द्वारा केंद्र शासित प्रदेश में नए जिले बनाए जाने की अधिसूचना को मंजूरी दी गई थी. इससे पहले नुब्रा (Nubra), शाम (Sham), चांगथांग (Changthang), जंस्कार (Zanskar) और द्रास (Drass) को नया जिला बनाया गया था, जिससे जिलों की संख्या बढ़कर 7 हो गई थी और अब एक और नया जिला जुड़ने से लद्दाख में कुल जिलों की संख्या 8 हो गई है.
लद्दाख प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर शासन को और अधिक मजबूत करना तथा प्रशासन का विकेंद्रीकरण करना है. इस प्रकार के कदमों से दूरदराज के इलाकों में भी विकास कार्यों को गति मिलती है और स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक माँतें पूरी होती हैं.
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