Ujjain Murder Case: 10 साल के मासूम बेटे की गवाही से खुला पिता की हत्या का राज, मां समेत तीन को उम्रकैद
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक पिता की हत्या का गवाह कोई और नहीं, बल्कि खुद उसका 10 साल का मासूम बेटा बना। इस छोटे से बच्चे के एक अदद बयान और उसकी गवाही ने पूरे मामले की तस्वीर पलट दी और अदालत ने मां सहित तीन आरोपियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुना दी है। यह सनसनीखेज मामला उज्जैन के भैरवगढ़ थाना क्षेत्र के झिरन्या गांव का है, जहाँ 24 दिसंबर 2022 को जितेंद्र बंजारा की बेरहमी से हत्या कर शव को घर के पास ही एक गड्ढे में फेंक दिया गया था।
👦 ‘मुझे मां की सूरत नहीं देखनी, उसी ने पापा को मारा है’: मासूम का बयान बना सबसे बड़ा सबूत
घटना के बाद मृतक की पत्नी पूजा ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन सच उस घर के अंदर ही सुरक्षित था। वारदात के वक्त जितेंद्र का 10 साल का बेटा घर में ही मौजूद था और उसने अपनी आंखों से मां और उसके साथियों का खौफनाक कृत्य देख लिया था। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा की अदालत में जब बच्चे को बतौर गवाह पेश किया गया, तो वह अपनी मां को देखकर फूट-फूट कर रो पड़ा। बच्चे ने जज के सामने साहस दिखाते हुए कहा कि उसे अपनी मां की शक्ल भी नहीं देखनी है, क्योंकि उसी ने हथौड़ी से वार कर उसके पापा की जान ली है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपियों को सजा दिलाने में इसी मासूम की गवाही सबसे अहम साबित हुई।
💔 प्रेम प्रसंग के विरोध पर रची गई थी साजिश, हथौड़ी और लात-घूंसों से की थी हत्या
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतक जितेंद्र ने अपनी पत्नी पूजा को उसके प्रेमी राकेश कुशवाह के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था, जिसका उसने कड़ा विरोध किया था। विरोध करने पर राकेश ने अपने साथी ईश्वर सिंह बंजारा को भी बुला लिया। इसके बाद पूजा ने पति के सिर पर हथौड़ी से जोरदार वार कर दिया, जबकि अन्य आरोपियों ने लात-घूंसों से उसकी पिटाई की और अंत में राकेश ने उसकी गर्दन मरोड़कर हत्या कर दी। कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद पत्नी पूजा, उसके प्रेमी राकेश कुशवाह और सहयोगी ईश्वर सिंह बंजारा को आजीवन कारावास और 31-31 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाकर भैरवगढ़ जेल भेज दिया है।
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