MP Industrial Development: महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के विकास को मिलेगी रफ्तार, 3 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार
भोपाल। मध्य प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य को एक नई ऊंचाई देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। जबलपुर से शुरू होकर भोपाल होते हुए प्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर तक विस्तारित होने वाला नया इकोनॉमिक कॉरिडोर राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वयन के लिए उद्योग विभाग के अंतर्गत एक नई विशेष कंपनी का गठन किया गया है, जो पूरी तरह से राज्य शासन के स्वामित्व में होगी। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए शासन की ओर से 100 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है।
🏛️ मुख्यमंत्री खुद करेंगे गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता, महाकौशल से लेकर विंध्य तक होगा विकास
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी है कि इस परियोजना की गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता वे स्वयं करेंगे, ताकि नीतिगत फैसले तेजी से लिए जा सकें और सभी संबंधित विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य कर सकें। जबलपुर और नरसिंहपुर से लेकर रायसेन तक का यह पूरा भू-भाग पर्यटन, खनन, कृषि और भारी उद्योगों की स्थापना के लिए अत्यधिक अनुकूल है। इस कॉरिडोर के विकास से निवेशकों को सड़क, बिजली, पानी और आधुनिक विमानन कनेक्टिविटी जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी, जिससे क्षेत्र में तीव्र आर्थिक गतिविधियां शुरू होंगी।
💼 मार्च 2028 तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश का अनुमान, 3 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
यह परियोजना केवल सड़क मार्ग के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र को औद्योगिक रूप से समृद्ध बनाने की एक व्यापक योजना है, जिसके प्रथम चरण में 3,000 से 10,000 एकड़ भूमि विकसित की जाएगी। अनुमान है कि मार्च 2028 तक इस क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आएगा, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग तीन लाख लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। आने वाले तीन वर्षों में इस कॉरिडोर के जरिए कुल छह लाख से अधिक रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है, जो प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर होगा।
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