Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Driving Test Center Upgrade: जालंधर और फिल्लौर के ड्राइविंग टेस्ट सेंटरों का होगा नवीनीकरण, 95 लाख र... Derabassi School Holiday: पंजाब बंद के बीच डेराबस्सी में अचानक स्कूलों में छुट्टी, बच्चों को वापस लौ... Ludhiana Crime News: डीसी और सीपी के बड़े सर्च ऑपरेशन के बावजूद लुधियाना की बिहारी कॉलोनी में खुलेआम... Ludhiana Police Custody Escape: लुधियाना में सनसनीखेज वारदात, पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर से हथकड़ी ... Ludhiana Road Accident: लुधियाना में दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार बस ने एक्टिवा सवार कटर मास्टर को... Jalandhar School Holiday Notice: पंजाब बंद के चलते जालंधर में गुरुवार को रहेंगे कई स्कूल बंद, यहाँ द... Private School Association Demand: हरियाणा में निजी स्कूलों की बड़ी मांग, स्कूल बसों की आयु सीमा बढ़... Sohna Encounter News: सोहना में पुलिस और गौ तस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़, कुख्यात गैंगस्टर साजिद उ... Jind Crime News: जींद के तलौडा गांव में पारिवारिक विवाद का खौफनाक अंत, पूर्व सरपंच पिता ने लाइसेंसी ... Hisar Adampur Crime News: हिसार में संदिग्ध परिस्थितियों में चली गोली, आदमपुर में 12 वर्षीय बच्चे की...

Private School Association Demand: हरियाणा में निजी स्कूलों की बड़ी मांग, स्कूल बसों की आयु सीमा बढ़ाने और टैक्स माफी की उठी आवाज

1

चंडीगढ़: प्राइवेट स्कूल संघ ने प्रदेश सरकार के सामने अपनी मांगें रखते हुए स्कूल बसों की आयु सीमा बढ़ाने या बस की वास्तविक स्थिति, फिटनेस और किलोमीटर के आधार पर संचालन की अनुमति देने की मांग की है। इसके साथ ही संघ ने स्कूल बसों का टैक्स माफ करने की भी पुरजोर मांग उठाई है। संघ का कहना है कि लगातार बढ़ रहे खर्चों और नियमों के चलते निजी स्कूलों पर आर्थिक बोझ असहनीय होता जा रहा है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने जानकारी देते हुए बताया कि एक 16 सीटर छोटी बस की कीमत करीब 18 लाख रुपए होती है, जो रजिस्ट्रेशन, 5 साल के लोन के ब्याज और बीमा (Insurance) को मिलाकर लगभग 26 लाख रुपए तक पड़ जाती है।

💰 बढ़ता मासिक खर्च और ग्रामीण-शहरी इलाकों का किराया

ऑपरेशनल खर्चों का जिक्र करते हुए संघ ने बताया कि लोन की किस्त, चालक-परिचालक का वेतन, रखरखाव और डीजल का खर्च मिलाकर कुल मासिक खर्च लगभग 80 हजार रुपए तक पहुँच जाता है।

  • सीटिंग क्षमता और किराया: स्कूल बस में तय नियमों के अनुसार सीटों से डेढ़ गुना बच्चों को बैठाए जाने की व्यवस्था होने के बावजूद, ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में प्रति छात्र करीब 400 रुपए और शहरों में 800 रुपए तक ही मासिक किराया मिल पाता है।

  • मांगें: महंगी बसें, भारी-भरकम ब्याज, बीमा और डीजल के लगातार बढ़ते दामों के कारण निजी स्कूलों के लिए बसों का संचालन करना बेहद कठिन हो गया है, जिसके चलते सरकार से राहत देने की गुहार लगाई गई है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.