Chhattisgarh Women Protest: कोरबा में अवैध कच्ची शराब से त्रस्त महिलाओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, बोलीं—बर्बाद हो रही है युवा पीढ़ी
कोरबा। आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन के गृह जिले कोरबा में अवैध कच्ची महुआ शराब का कारोबार किस कदर पैर पसार चुका है, इसकी बानगी तब देखने को मिली जब ग्राम पंचायत पहंदा, तिलकेजा और पताढ़ी की दर्जनों महिलाएं अपनी पीड़ा लेकर सीधे जिला कलेक्ट्रेट पहुंच गईं। महिलाओं ने उग्र प्रदर्शन करते हुए गांव में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव-गांव में आसानी से मिल रही अवैध शराब के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इसकी चपेट में आ चुके हैं, जिससे पूरा पारिवारिक और सामाजिक ताना-बाना बिखर रहा है।
🚫 “गांव का बच्चा-बच्चा नशे की गिरफ्त में”: आबकारी विभाग और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
ज्ञापन सौंपने पहुंची महिलाओं ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि खैरभांठा, कलमीभांठा, आमापाली, धवईभांठा और बेंगचुलभांठा समेत कई क्षेत्रों में धड़ल्ले से कच्ची महुआ शराब बनाई और बेची जा रही है। महिलाओं का आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग के सुस्त रवैये और कथित मिलीभगत के कारण अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। शराब के नशे में युवा और कामगार तबके के लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं, कई लोगों की अकाल मौत भी हो चुकी है। घर की जमा-पूंजी और पुश्तैनी जमीनें तक शराब के चक्कर में बिक चुकी हैं, जिससे परिवारों के सामने भुखमरी और बर्बादी के हालात पैदा हो गए हैं।
⚠️ शराब के सेवन से सामाजिक और आर्थिक बर्बादी का बढ़ रहा है खतरा
क्षेत्र की महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन अवैध शराब की भट्ठियों और अड्डों पर बुलडोजर चलाकर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया, तो उनका आंदोलन और भी उग्र होगा। कलेक्टर ने महिलाओं की बात गंभीरता से सुनते हुए मामले में तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध शराब के कारण घरेलू हिंसा, आर्थिक कमजोरी, बच्चों की पढ़ाई का छूटना और गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जिस पर प्रशासनिक स्तर पर त्वरित लगाम कसना बेहद जरूरी है।
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