IIM Ranchi News: ‘मेकर्स ऑफ मॉडर्न इंडिया’ व्याख्यान में पहुंचे अनिल शास्त्री, छात्रों को दिया लाल बहादुर शास्त्री के नैतिक नेतृत्व का संदेश
रांची। भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रांची में प्रतिष्ठित ‘मेकर्स ऑफ मॉडर्न इंडिया’ व्याख्यान शृंखला के पांचवें संस्करण का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनिल शास्त्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। ‘द प्री-पॉलिटिकल मोरल फाउंडेशन ऑफ द रिपब्लिक: री-रीडिंग लाल बहादुर शास्त्री’ विषय पर आयोजित इस परिचर्चा में विद्यार्थियों को सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, सादगी और नैतिक मूल्यों के महत्व से अवगत कराया गया।
🏛️ प्रबंधन शिक्षा और ‘ट्रस्टीशिप’ का सिद्धांत: संसाधनों को समाज के प्रति जिम्मेदारी मानें
आईआईएम रांची के निदेशक प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ नैतिक मूल्य ही किसी संस्थान की दीर्घकालिक पहचान तय करते हैं। उन्होंने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के ‘ट्रस्टीशिप’ (न्यासिता) के सिद्धांत को रेखांकित करते हुए कहा कि पद, पावर और संसाधनों को निजी संपत्ति मानने के बजाय समाज के प्रति उत्तरदायित्व के रूप में देखा जाना चाहिए। कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. जॉर्ज जोसेफ ने स्वागत भाषण में आधुनिक भारत के निर्माताओं के विचारों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
🕊️ सादगी, विनम्रता और 1965 का युद्ध: संकट के समय त्वरित निर्णय ही नेतृत्व की असली पहचान
अनिल शास्त्री ने अपने पिता लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से जुड़े कई ऐतिहासिक और व्यक्तिगत प्रसंग साझा किए। उन्होंने बताया कि 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान शास्त्री जी ने जिस तरह से साहसिक निर्णय लिए, वह संकट प्रबंधन का अनुपम उदाहरण है। प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए भी अपने बेटे का स्कूल रिपोर्ट कार्ड लेने खुद जाना उनकी अपार सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है। अनिल शास्त्री ने विद्यार्थियों से केवल कुशल मैनेजर बनने के बजाय एक संवेदनशील, विचारशील और मूल्यों से परिपूर्ण नेतृत्वकर्ता बनने का आह्वान किया।
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