मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला जिले के कान्हा किसली में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि कान्हा नेशनल पार्क न केवल हमारे देश का, बल्कि पूरे एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा और समृद्ध नेशनल पार्क है। सघन वनों से घिरे इस पार्क में बाघ, चीता, लकड़बग्घा, हाथी और अन्य वन्यजीव प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी वन्यजीव प्रेमियों, पर्यटकों और नागरिकों से अपील की है कि वे वन्य प्राणियों के नैसर्गिक जीवन को करीब से देखने के लिए कम से कम एक बार कान्हा नेशनल पार्क अवश्य पधारें।
🐆 कूनो के चीता प्रोजेक्ट की सफलता का जिक्र: असम के सहयोग से कान्हा में शुरू हुआ जंगली भैंसों का पुनर्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्बसाहट प्रोजेक्ट बेहद सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और उनकी सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में जंगली भैंसों (वाइल्ड बफेलो) के पुनर्वास की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। हाल ही में 6 मादा और 8 नर जंगली भैंसों को उनके प्राकृतिक आवास में विमुक्त किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में विलुप्त हो रहे बारहसिंगा को भी नया जीवन और पुनर्जीवन मिला है।
🌳 वन और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है सरकार: तेजी से बढ़ रही है बाघ और घड़ियालों की संख्या
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के वनों में टाइगर, लेपर्ड, मगर, घड़ियाल और गिद्धों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जो राज्य के पर्यटन और प्राकृतिक गौरव को बढ़ा रहा है। प्रदेश सरकार वनों, वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन ठोस प्रयासों से न केवल जैव विविधता सुरक्षित हो रही है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी अनमोल प्राकृतिक विरासत भी संरक्षित हो रही है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई दी है।
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