Jalandhar Street Lights: जालंधर में स्ट्रीट लाइट रखरखाव का मामला गरमाया, एचपीएल कंपनी का 2 करोड़ बकाया रुका
जालंधर शहर की करीब 1.15 लाख एल.ई.डी. (LED) स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव और देखभाल का काम संभाल रही एच.पी.एल. कंपनी को नगर निगम की ओर से पिछले लगभग एक साल से कोई भुगतान नहीं किया गया है। कंपनी की करीब 2 करोड़ रुपये की राशि बकाया बताई जा रही है। त्योहारी सीजन के बीच भुगतान का यह मामला सामने आने से शहर में स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का काम प्रभावित होने की पूरी आशंका जताई जा रही है।
👥 बढ़ता दायरा और कर्मचारियों की स्थिति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एच.पी.एल. कंपनी के पास शहर की स्ट्रीट लाइटों की देखभाल के लिए कुल 35 टीमें तैनात हैं, जिनमें लगभग 80 कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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शुरुआत में कंपनी करीब 77 हजार लाइटों के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही थी, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 1.15 लाख तक पहुंच चुकी है।
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जैसे-जैसे लाइटों की संख्या बढ़ी है, वैसे-वैसे उनके रखरखाव और मरम्मत का दायरा भी काफी बड़ा हो गया है।
📝 कांट्रैक्ट बढ़ाने की मांग और बंद पड़ी लाइटों का मुद्दा
दूसरी ओर, नगर निगम और कंपनी के बीच स्ट्रीट लाइटों की देखभाल के लिए हुआ पांच साल का अनुबंध (Contract) आगामी मार्च 2027 में समाप्त होने जा रहा है। कंपनी ने निगम के समक्ष मांग रखी है कि इस कांट्रैक्ट को आगे बढ़ाया जाए, और कंपनी इसे केवल एक साल के लिए नहीं बल्कि तीन या पांच साल के लिए बढ़ाने की इच्छुक है।
इस समय शहर में करीब 4500 से 5000 स्ट्रीट लाइटें बंद होने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि, कंपनी का तर्क है कि कुल 1.15 लाख लाइटों के विशाल नेटवर्क के मुकाबले इतनी लाइटों का बंद होना एक सामान्य स्थिति है। ऐसे में एक तरफ जहाँ बंद पड़ी लाइटों को तुरंत चालू रखने की बड़ी चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी की बकाया पेमेंट और कांट्रैक्ट की अवधि बढ़ाने का यह अहम मामला भी नगर निगम के विचाराधीन है।
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