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Maikal Mountain Landslide: अनूपपुर के धरमदास गांव में दरका पहाड़, 300 मीटर नीचे बसे आदिवासी परिवारों पर संकट

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मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अंतर्गत आने वाली जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के धरमदास और पिचरवाही गांव से लगे मैकल पर्वत क्षेत्र में जमीन धंसने और पहाड़ का बड़ा हिस्सा दरकने की घटना से स्थानीय ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। पिछले शनिवार को अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा नीचे खिसक गया था, जिसके बाद से जमीन में बड़ी-बड़ी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं और पूरा जंगल क्षेत्र लगातार नीचे की ओर धंसता जा रहा है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई पेड़ जड़ से उखड़कर गिर चुके हैं, जिससे पहाड़ से लगे खेतों में खड़ी मक्का, धान और अरहर की फसलें तबाह हो गई हैं। लगभग 8 से 10 एकड़ का क्षेत्र इससे प्रभावित हुआ है।

🔍 300 मीटर नीचे बसे आदिवासी परिवारों पर मंडरा रहा खतरा, एक हफ्ते बाद भी प्रशासनिक सुस्ती

पहाड़ से लगभग 300 मीटर नीचे की तलहटी में बसे आदिवासी परिवारों को अब अपने घरों और जान-माल की सुरक्षा की गहरी चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय जंगल से अजीब तरह की डरावनी आवाजें सुनाई देती हैं और दरारें लगातार बढ़ती जा रही हैं। स्थिति यह है कि ग्रामीण रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि घटना को एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद अब तक न तो प्रशासनिक अमले ने मौके का निरीक्षण किया है और न ही वन विभाग की तरफ से सुरक्षा के कोई इंतजाम (घेराबंदी या चेतावनी बोर्ड) किए गए हैं।

⚠️ ग्रामीणों की प्रमुख मांग: भू-वैज्ञानिकों से कराया जाए सर्वे

धरमदास और पिचरवाही गांव के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञों की टीम भेजकर इस भू-धंसाव का वैज्ञानिक सर्वे कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते संवेदनशील क्षेत्र में आवाजाही प्रतिबंधित नहीं की गई और सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल, दरकी हुई जमीन और बढ़ती दरारों के बीच उत्सुकतावश मौके पर पहुंच रहे लोगों की भीड़ भी एक नया खतरा पैदा कर रही है।

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