Madhya Pradesh Culture: पुरानी जीप और हाथ ठेलों से तैयार हुई अद्भुत माता एक्सप्रेस, स्थानीय कलाकारों की अनूठी कलाकारी
आगामी शारदीय नवरात्र पर्व को लेकर विदिशा शहर में धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल चरम पर है। शहरभर में माता रानी के स्वागत और भव्य पूजा-अर्चना के लिए आकर्षक पंडाल व झांकियां सजाई जा रही हैं। इसी कड़ी में विदिशा के प्रसिद्ध मोहनगिरी तिराहा पर इस वर्ष श्रद्धालुओं को कला और भक्ति का एक बेहद अनूठा संगम देखने को मिलेगा। पिछले 35 वर्षों से यहां स्थापित की जा रही प्रसिद्ध झांकी की श्रृंखला में इस बार अंग्रेजों के जमाने के पारंपरिक भाप इंजन की तर्ज पर ‘माता एक्सप्रेस’ नामक एक विशेष ट्रेन तैयार की जा रही है, जो सड़क पर चलती हुई नजर आएगी।
🕉️ शिवजी बनेंगे ड्राइवर और गणेश जी संभालेंगे गार्ड की जिम्मेदारी
मोहनगिरी तिराहा जंक्शन पर सजने वाली यह झांकी हमेशा से शहरवासियों का केंद्र रही है। झांकी समिति के अध्यक्ष सोनू राजपूत और सदस्य पवन पेंटर ने बताया कि वर्ष 2015 के बाद से हर साल कोई नया और संदेशप्रद विचार प्रस्तुत किया जाता है। इस बार माता एक्सप्रेस की परिकल्पना बेहद खास है, जिसमें मुख्य इंजन में देवाधिदेव भगवान भोलेनाथ ड्राइवर के रूप में विराजमान होकर ट्रेन का संचालन करेंगे। वहीं, ट्रेन के 9 अलग-अलग डिब्बों में माता रानी के नौ स्वरूपों के दर्शन उनके पारंपरिक वाहनों के साथ होंगे, जबकि सबसे आखिरी 10वें डिब्बे में प्रथम पूज्य श्री गणेश जी गार्ड की भूमिका में दिखाई देंगे।
🛠️ पुराने वाहनों के कलपुर्जों से तैयार हो रही भव्य झांकी, स्थानीय कारीगरों को मिला रोजगार
इस झांकी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे पूरी तरह से स्थानीय कलाकारों और कारीगरों द्वारा तैयार किया जा रहा है। ट्रेन का भव्य इंजन बनाने के लिए पुरानी जीप और कबाड़ के कलपुर्जों का उपयोग किया गया है, जबकि ट्रेन के डिब्बे हाथ ठेलों पर बनाए गए हैं। इस निर्माण कार्य से क्षेत्र के वेल्डर, पेंटर, कारपेंटर और स्थानीय मजदूरों को भी रोजगार का अवसर मिला है। लगभग 8 से 10 लाख रुपये की लागत से बनने वाली यह झांकी बिना किसी सार्वजनिक चंदे के, समिति के सदस्यों के आपसी सहयोग से तैयार की जा रही है।
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