Antagarh Kanker Update: करोड़ों की रॉयल्टी देने वाले क्षेत्र में नहीं हैं सुरक्षित स्कूल भवन, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाली खनन प्रभावित ग्राम पंचायत सुरेवाही से शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। पंचायत के तीन सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए न तो सुरक्षित भवन उपलब्ध है और न ही पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं। हालात यह हैं कि कहीं जर्जर हो चुके पंचायत भवन में बच्चों की कक्षाएं लगाई जा रही हैं, तो कहीं बच्चों को पढ़ाने के लिए झोपड़ी का सहारा लिया जा रहा है। इस गंभीर समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तीनों स्कूलों के लिए नए भवनों की तत्काल स्वीकृति देने की मांग की है।
🏚️ पिछले 4 साल से जर्जर है पूर्व माध्यमिक शाला सुरेवाही: 50 बच्चों की जान जोखिम में डालकर पंचायत भवन में हो रही पढ़ाई
ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सुरेवाही का मुख्य भवन पिछले चार वर्षों से बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति में है। इसके चलते करीब 50 मासूम बच्चों की पढ़ाई मजबूरी में पंचायत भवन के अंदर कराई जा रही है, जहाँ चार शिक्षक तैनात हैं। बरसात के मौसम में जर्जर छत से पानी टपकने और भवन के कभी भी ढहने के खतरे के कारण बच्चों की सुरक्षा पर लगातार तलवार लटकी रहती है। इसके अलावा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला घुमर का भवन भी पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जबकि शासकीय प्राथमिक शाला छिंदभाट के पास तो अपना खुद का भवन ही नहीं है और वहाँ पूरी कक्षाएं एक झोपड़ी के भीतर संचालित हो रही हैं।
💰 करोड़ों की रॉयल्टी मिलने के बावजूद उपेक्षा का शिकार इलाका: प्रशासन ने दिए निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई के निर्देश
उप सरपंच शिवनाथ नेताम और सरपंच श्रवण दुग्गा ने रोष जताते हुए कहा कि सुरेवाही एक प्रत्यक्ष खनन प्रभावित क्षेत्र है, जहाँ से सरकार को हर साल करोड़ों रुपये की भारी-भरकम रॉयल्टी मिलती है। इसके बावजूद बच्चों के भविष्य के लिए नए स्कूल भवनों का निर्माण न हो पाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। कई बार सांसद और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद भी ठोस समाधान नहीं मिला है। वहीं इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कलेक्टर ने बताया कि सुरेवाही में एक अतिरिक्त कक्षा की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है और जिला पंचायत सीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लें। प्रशासन ने दावा किया है कि राज्य में चरणबद्ध तरीके से नए स्कूल कक्षों के निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
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