Coloured Cities of India: भारत के इन 5 खूबसूरत शहरों को क्यों कहा जाता है रंगों के नाम से, जानिए इसके पीछे का दिलचस्प इतिहास
हमारा देश भारत न सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, बल्कि यहां की समृद्ध संस्कृति, पुराना इतिहास और कला भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। देश के हर शहर और गांव से कोई न कोई अनोखी दास्तान जुड़ी हुई है। खास बात यह है कि भारत में कई ऐसे शहर हैं जिन्हें उनके विशेष रंगों के आधार पर अलग पहचान मिली है। राजस्थान के गुलाबी शहर जयपुर से लेकर ऑरेंज सिटी तक, इन सभी नामों के पीछे बेहद दिलचस्प और ऐतिहासिक वजहें छिपी हुई हैं। आइए जानते हैं इन रंगीन शहरों के बारे में विस्तार से।
🌸 जयपुर: गुलाबी शहर (Pink City)
राजस्थान की राजधानी जयपुर को दुनिया भर में ‘पिंक सिटी’ या गुलाबी शहर के नाम से जाना जाता है। इस शहर के नाम के पीछे एक दिलचस्प ऐतिहासिक किस्सा साल 1876 से जुड़ा हुआ है।
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स्वागत के लिए रंगाई: कहा जाता है कि महाराजा सवाई रामसिंह द्वितीय ने वेल्स के राजकुमार प्रिंस अल्बर्ट एडवर्ड के भव्य स्वागत के लिए पुराने जयपुर शहर को टेराकोटा-गेरुआ शेड यानी गुलाबी रंग में रंगवा दिया था।
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आज भी कायम है परंपरा: आज भी जयपुर की पुरानी हवेलियां और ऐतिहासिक इमारतें इसी पारंपरिक गुलाबी रंग में रंगी नजर आती हैं, जो पर्यटकों का मन मोह लेती हैं।
🍊 नागपुर: ऑरेंज सिटी (Orange City)
महाराष्ट्र के नागपुर को ‘ऑरेंज सिटी’ कहा जाता है, लेकिन इसके पीछे की वजह कोई रंग नहीं बल्कि एक फल है।
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संतरे का उत्पादन: नागपुर के संतरे पूरी दुनिया में मशहूर हैं। इस शहर में हर साल लाखों टन रसीले संतरों का बंपर उत्पादन किया जाता है।
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जीआई टैग: नागपुर में देश की सबसे बड़ी ऑरेंज होलसेल बाजार भी मौजूद है। यहां के संतरे अपने पतले छिलके, मीठे और रसदार पल्प के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं, जिन्हें आधिकारिक तौर पर ‘जीआई टैग’ (GI Tag) भी मिला हुआ है।
🏜️ जैसलमेर: गोल्डन सिटी (Golden City)
राजस्थान के ऐतिहासिक शहर जैसलमेर को इसकी अनूठी बनावट और इमारतों के सुनहरे रंग की वजह से ‘गोल्डन सिटी’ कहा जाता है।
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पीले बलुआ पत्थर: इस शहर के ज्यादातर प्राचीन घर, हवेलियां और भव्य किले पीले बलुआ पत्थर (Yellow Sandstone) से तराशकर बनाए गए हैं।
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सूरज की रोशनी का कमाल: थार रेगिस्तान के बीच बसे इस शहर में जब सूर्य की किरणें इन पत्थरों पर पड़ती हैं, तो पूरा शहर सोने की तरह चमकने लगता है।
🏛️ उदयपुर: वाइट सिटी (White City)
मेवाड़ के महाराजा उदय सिंह द्वारा बसाए गए खूबसूरत शहर उदयपुर को ‘वाइट सिटी’ (सफेद शहर) के नाम से जाना जाता है।
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सफेद संगमरमर: यहां के राजाओं ने उस दौर की शानदार इमारतों और महलों के निर्माण के लिए मुख्य रूप से सफेद संगमरमर (White Marble) के पत्थरों का इस्तेमाल करवाया था।
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झील के बीच महल: धूप खिलने पर ये सफेद पत्थर बेहद चमकीले और खूबसूरत दिखते हैं। इसके अलावा, पिछोला झील के बिल्कुल बीचों-बीच बना प्रसिद्ध ‘लेक पैलेस’ भी संगमरमर से ही निर्मित है, जो इस शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाता है।
🌿 तिरुवनंतपुरम: दक्षिण भारत की एवरग्रीन सिटी (Evergreen City)
दक्षिण भारत के केरल राज्य का प्रमुख शहर तिरुवनंतपुरम (जिसे पहले त्रिवेंद्रम भी कहा जाता था) ‘एवरग्रीन सिटी ऑफ इंडिया’ के रूप में प्रसिद्ध है।
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महात्मा गांधी द्वारा नामकरण: कहा जाता है कि इस शहर की प्राकृतिक सुंदरता और यहां सालभर बनी रहने वाली हरियाली को देखकर महात्मा गांधी ने इसे यह खूबसूरत नाम दिया था।
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प्राकृतिक बनावट: यह शहर कुल सात पहाड़ियों पर बसा हुआ है। यहां की उष्णकटिबंधीय (Tropical) जलवायु के कारण यह हमेशा हरे-भरे पेड़ों, नारियल के बागानों और सुंदर रास्तों से घिरा रहता है।
🔷 जोधपुर: ब्लू सिटी (Blue City)
राजस्थान का जोधपुर शहर अपनी खास पहचान के चलते ‘ब्लू सिटी’ (नीला शहर) के नाम से जाना जाता है। शहर में कदम रखते ही इसके नाम की वजह साफ नजर आ जाती है।
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नीले रंग के घर: यहां मेहरानगढ़ किले के आसपास के अधिकांश घर नीले रंग में रंगे हुए हैं। ऐसा माना जाता है कि शुरुआत में ब्राह्मणों ने अपनी एक अलग सामाजिक पहचान स्थापित करने के लिए अपने घरों को नीले रंग से रंगना शुरू किया था, जो बाद में एक बड़ा ट्रेंड बन गया।
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गर्मी से बचाव: जानकारों का यह भी मानना है कि नीला रंग सूर्य की तेज धूप और गर्मी को परावर्तित (Reflect) करता है, जिससे रेगिस्तानी इलाके की चिलचिलाती गर्मी में भी घरों के अंदर ठंडक बनाए रखने में मदद मिलती है।
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