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पानीपत में नर्सिंग स्टाफ का विरोध तेज: ‘मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी’ के खिलाफ 3 दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की घोषणा

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पानीपत: हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग की ‘मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी’ (MOTP) के खिलाफ नर्सिंग स्टाफ का रोष लगातार उग्र रूप लेता जा रहा है। इसी कड़ी में पानीपत सिविल अस्पताल में नर्सिंग एसोसिएशन की ओर से सिविल सर्जन को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अपने इस विरोध प्रदर्शन को और अधिक तेज करेंगे।

⏰ 5, 6 और 7 अक्टूबर को रोजाना 2 घंटे की हड़ताल

नर्सिंग एसोसिएशन ने अपनी मांगों के समर्थन में कड़े कदम उठाते हुए 5 अक्टूबर, 6 अक्टूबर और 7 अक्टूबर 2026 को रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक यानी कुल 2 घंटे की सांकेतिक हड़ताल पर रहने की घोषणा की है।

⚠️ नर्सिंग स्टाफ की मुख्य परेशानियां और मांगें

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों और एसोसिएशन का कहना है कि इस पॉलिसी से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा:

  • परिवार और सामाजिक जिम्मेदारियां: नर्सिंग कैडर में ज्यादातर महिला कर्मचारी हैं, जिन पर छोटे बच्चों की परवरिश, उनकी पढ़ाई और बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल की बड़ी जिम्मेदारी होती है। घर से दूर-दराज के इलाकों में ट्रांसफर होने से उनका मानसिक तनाव काफी बढ़ जाएगा।

  • 24 घंटे की सेवाएं और सुरक्षा: स्वास्थ्य संस्थानों में सुबह, शाम और रात की तीनों शिफ्टों में चौबीस घंटे सेवाएं देनी होती हैं। ऐसे में ग्रामीण व दूर-दराज के इलाकों में अकेले जाकर ड्यूटी करने से महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

  • अन्य राज्यों का उदाहरण: एसोसिएशन का तर्क है कि देश के किसी भी अन्य राज्य में नर्सिंग कैडर पर ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं है। उदाहरण के तौर पर, शिक्षा विभाग में महिला शिक्षिकाएं केवल दिन के समय ड्यूटी करती हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और परिस्थितियां बिल्कुल अलग व चुनौतीपूर्ण हैं।

नर्सिंग स्टाफ ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन जायज चिंताओं और मांगों को अनसुना किया गया, तो वे आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र करने के लिए बाध्य होंगे।

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