Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
कश्मीर में मौसम का अनोखा मिजाज: अक्टूबर में गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, श्रीनगर और काजीगुंड में चढ़... राजस्थान यूथ कांग्रेस चुनाव परिणाम घोषित: अभिषेक चौधरी को मिले सबसे ज्यादा 6.15 लाख वोट, अध्यक्ष बनन... Ramanujganj Kanhar River: एनीकट के पास नदी में फंसा युवक, स्थानीय गोताखोरों की मदद से सुरक्षित बाहर ... उत्तराखंड के त्यूणी में खौफनाक सड़क हादसा: 100 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, एक की मौत और दो घायल फिल्म 'दृश्यम' से प्रेरित होकर खौफनाक वारदात: 2000 किलोमीटर दूर सूरत से आकर बेटे ने कुल्हाड़ी से की ... Balod News: सनौद में दर्दनाक सड़क हादसा, खड़े ट्रक से टकराई बाइक; पिता और 12 साल के बेटे की मौत Katihar Crime News: बिहार के कटिहार में दिनदहाड़े बाजार में अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या, इलाके में ... SING Forum 2026 Singapore: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए किया ... Bilaspur High Court Verdict: तलाक के मामलों में नैसर्गिक न्याय का पालन जरूरी, बिना सुनवाई के आदेश अव... PMAY Urban Awards 2026: छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान, डिप्टी सीएम अरुण साव ने ग्रह...

भारत-वेस्टइंडीज T20 मुकाबला: इंदौर के होल्कर स्टेडियम में इंग्लैंड की रिसर्च के आधार पर तैयार हो रही है खास पिच

2

भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जाने वाली T20 सीरीज का आगाज होने जा रहा है। श्रृंखला का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में खेला जाएगा, लेकिन उससे इस सीरीज के एक अन्य मुकाबले की पिच को लेकर बेहद दिलचस्प और बड़ी खबर सामने आई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज का तीसरा T20 मुकाबला इंदौर के ऐतिहासिक होल्कर स्टेडियम में खेला जाना है, जिसकी पिच को इस बार पूरी तरह आधुनिक और वैज्ञानिक (Scientific) तरीके से तैयार किया जा रहा है।

इस पिच को बनाने के पीछे इंग्लैंड से जुड़े शोध और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि खिलाड़ियों को बेहतरीन और संतुलित खेल का मैदान मिल सके।

⚖️ 200, 500 और 750 किलो के आधुनिक रोलर: क्या है पिच तैयार करने का नया तरीका?

होल्कर स्टेडियम की पिच पर हो रहे इस खास प्रयोग से जुड़े मुख्य बिंदु:

  • साइंटिफिक रोलर्स का इस्तेमाल: दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, होल्कर की पिच को बनाने में पारंपरिक मैनुअल रोलर्स के अलावा 200, 500 और 750 किलोग्राम वजन वाले भारी आधुनिक रोलर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिन्हें इस मैदान पर पहली बार आजमाया गया है।

  • पिच साइंस और रिसर्च: इन आधुनिक रोलर्स को आजमाने के पीछे क्रिकेट पिच की मिट्टी, नमी (Moisture), घास की जड़ों और गेंद के उछाल (Bounce) को लेकर की गई वैज्ञानिक रिसर्च है।

  • ईसीबी (ECB) और क्रैनफील्ड यूनिवर्सिटी का अध्ययन: इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड और इंग्लैंड की क्रैनफील्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े शोध में यह अध्ययन किया गया है कि पिच की नमी, मिट्टी की स्थिति और रोलर का दबाव मैच के दौरान सतह के व्यवहार को कैसे प्रभावित करते हैं।

🌧️ नमी और रोलिंग का संतुलन: भारी रोलर से ज्यादा मिट्टी की स्थिति पर जोर

आधुनिक पिच विज्ञान की बारीकियां:

  • सिर्फ भारी रोलर काफी नहीं: आमतौर पर यह माना जाता रहा है कि पिच पर भारी रोलर चलाने से वह ज्यादा सख्त हो जाती है और बल्लेबाजी के अनुकूल बनती है। लेकिन आधुनिक पिच साइंस यह कहता है कि रोलिंग का असर पूरी तरह से मिट्टी की नमी और उसकी बनावट पर निर्भर करता है।

  • संतुलन की जरूरत: यदि नमी और रोलिंग का संतुलन ठीक न हो, तो जरूरत से ज्यादा दबाव यानी भारी रोलर का इस्तेमाल पिच की सतह की गुणवत्ता को बिगाड़ भी सकता है। यही कारण है कि अब मिट्टी की नमी को मापकर ही रोलर का उपयोग किया जा रहा है।

  • चेन्नई से मंगाए गए हैं रोलर्स: बीसीसीआई (BCCI) के स्पष्ट निर्देशों के बाद मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने चेन्नई से 200, 500 और 750 किलो वजन वाले इन तीन आधुनिक रोलर्स की व्यवस्था की है।

मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सीईओ रोहित पंडित ने बताया कि यह नया डेवलपमेंट है, जो आने वाले समय में पिच क्यूरेटरों को और अधिक सटीक तरीके से मैच के अनुकूल पिच तैयार करने में मदद करेगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.