बिहार के सारण जिले के एकमा थाना क्षेत्र में शनिवार की रात पुरानी रंजिश ने ऐसा खूनी रूप लिया कि देखते ही देखते तीन लोगों की जान चली गई। परसागढ़ में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद भयानक चाकूबाजी शुरू हो गई। इस भीषण हमले में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें से तीन की मौत हो गई। वहीं, एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है जिसे बेहतर इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच (PMCH) रेफर किया गया है। इस ट्रिपल मर्डर के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव और दहशत का माहौल है।
🚜 पंचायती से सुलझ चुका था मामला: अचानक फिर से आमने-सामने आए दोनों पक्ष
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि इस खूनी संघर्ष की जड़ करीब छह महीने पुराना विवाद है। पहले ट्रैक्टर से मिट्टी भराई को लेकर दोनों गुटों में विवाद हुआ था। उस समय गांव में पंचायती कराकर मामला सुलझा दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि विवाद भले ही उस समय शांत हो गया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अंदर ही अंदर रंजिश पनप रही थी। शनिवार की शाम परसागढ़ में परसा मोड़ स्थित उदासी बाबा मठिया के पास इसी पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आए और कहासुनी हिंसक संघर्ष में बदल गई।
🔪 अस्पताल परिसर में भी हुआ बवाल: इलाज के दौरान भी भिड़े दोनों पक्ष
चाकूबाजी में गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत इलाज के लिए एकमा के निजी अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां भी स्थिति सामान्य नहीं रही। घायलों के इलाज के दौरान दोनों पक्षों के बीच अस्पताल परिसर में भी दोबारा चाकूबाजी हो गई। इससे वहां मौजूद अन्य मरीजों और उनके परिजनों के बीच भारी अफरातफरी मच गई। घटना की गंभीरता और तनाव को देखते हुए घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया।
🥀 तीन जिंदगियां खत्म: अंकुर, रविश और मुकेश ने तोड़ा दम
इस खूनी संघर्ष में छपरा के काशी बाजार निवासी अंकुर पटेल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं पचुवा पंचायत के टोला जिराती निवासी रविश कुमार यादव (पुत्र विजय यादव) ने एकमा के अस्पताल में दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल कस्तौरा (महाराजगंज) निवासी मुकेश यादव (पुत्र रामप्रवेश यादव) को इलाज के लिए छपरा ले जाया गया था, जहां उसकी भी जान चली गई। बताया जा रहा है कि मुकेश एकमा इलाके में रहकर टाइल्स मिस्त्री का काम करता था। वहीं घायल विवेक पटेल का इलाज पटना में जारी है।
🚓 आपसी रंजिश का मामला: एकमा पुलिस और एसडीपीओ कर रहे हैं सघन जांच
घटना की सूचना मिलते ही एकमा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। सदर एसडीपीओ-2 प्रेमचंद्र सिंह के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला आपसी रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। एकमा थानाध्यक्ष रामबालक यादव ने बताया कि पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि 6 महीने पहले सुलझ चुका विवाद शनिवार को दोबारा कैसे भड़का और चाकूबाजी में कौन-कौन लोग शामिल थे। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और इलाके में पुलिस बल तैनात है।
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