Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
India Maritime Strategy: इंडो-पैसिफिक में भारत का बड़ा कूटनीतिक कदम, AIME-2026 से मजबूत हुआ समुद्री ... INDIA Alliance Protest: EVM और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, खरगे बोले- 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक... महात्मा गांधी जयंती पर राहुल गांधी का बड़ा ऐलान: आंदोलनों को एकजुट करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘सत... ईटानगर में ABVP की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक संपन्न: छात्र हितों और आगामी रणनीतियों पर हुआ गहन मंथन Vrindavan News: रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत से गरमाया माहौल, प्रेमानंद महाराज के दूसरे आश्रम में ... Dhanbad News: गैंगस्टर फहीम खान के घर 2004 में हुई अंधाधुंध फायरिंग मामले में 3 दोषियों को सजा, बॉडी... Bulandshahr Crime News: 4 महीने पहले हुआ था निकाह, पति ने पीट-पीटकर की पत्नी की हत्या; आरोपी फरार Okhla Landfill Site Visit: सीएम रेखा गुप्ता ने ओखला लैंडफिल साइट का किया निरीक्षण, 100 एकड़ जमीन कूड... AIIMS Delhi: उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने AIIMS छात्रों से की 'कॉफी पर चर्चा', सुरक्षा और मेडिकल श... नासिक फैमिली कोर्ट से आरोपी निदा खान को वारंट: पति की तलाक याचिका पर 16 अक्टूबर को पेशी के निर्देश

गुरुग्राम में तेजी से गिरते भूजल स्तर पर हाईकोर्ट सख्त: 40 मीटर नीचे पहुंचा वाटर लेवल, दोगुना हो रहा दोहन

2

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने साइबर सिटी गुरुग्राम में लगातार पाताल में जा रहे भूजल स्तर पर बेहद गंभीर चिंता व्यक्त की है।

अदालत के समक्ष पेश की गई रिपोर्ट में बताया गया कि शहर के कई प्रमुख इलाकों में भूजल स्तर गिरकर करीब 40 मीटर की खतरनाक गहराई तक पहुंच चुका है।

केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) के चौंकाने वाले आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम में जितना भूजल प्राकृतिक रूप से उपलब्ध या रिचार्ज होता है, उससे दोगुना पानी हर साल बोरवेल और ट्यूबवेलों के जरिए अत्यधिक मात्रा में निकाला जा रहा है, जिससे भविष्य में जल संकट का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

⚖️ ‘वर्तमान पीढ़ी संसाधनों की ट्रस्टी है, मालिक नहीं’: हाईकोर्ट की भविष्य की पीढ़ियों को लेकर कड़ी टिप्पणी

प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन पर अदालत की दो टूक:

  • ट्रस्टीशिप का सिद्धांत: हाईकोर्ट ने अपने अहम अवलोकन में कहा कि वर्तमान पीढ़ी प्राकृतिक संसाधनों की केवल एक ट्रस्टी (संरक्षक) है, मालिक नहीं।

  • विनाशकारी परिणामों की चेतावनी: अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि प्राकृतिक जल संसाधनों का अनियंत्रित और अत्यधिक दोहन आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद विनाशकारी और भयावह परिणाम लेकर आएगा।

  • तत्काल कदम उठाने के आदेश: कोर्ट ने संबंधित विभागों और विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिया कि भूजल स्तर को सुधारने और अवैध बोरिंग पर रोक लगाने के लिए बिना किसी देरी के ठोस व प्रभावी कदम उठाए जाएं।

🏛️ चीफ जस्टिस की खंडपीठ ने दिए कड़े निर्देश: GMDA सीईओ को 5 अक्टूबर को बैठक बुलाने का आदेश

न्यायिक आदेश और उच्चस्तरीय बैठक की रूपरेखा:

  • विशेष खंडपीठ का निर्देश: मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीसी मीणा को 5 अक्तूबर को सुबह 11 बजे आपात बैठक बुलाने का आदेश दिया है।

  • तमाम बड़े प्रशासनिक अधिकारी होंगे शामिल: इस उच्चस्तरीय बैठक में गुरुग्राम के उपायुक्त (DC), हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के प्रशासक, नगर निगम आयुक्त (MCG) सहित हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण और हरियाणा तालाब प्राधिकरण के प्रमुख प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से शामिल होंगे।

  • केंद्रीय एजेंसियों का भी रहेगा समन्वय: बैठक में केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) और केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) के वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहकर जल संरक्षण की रूपरेखा तैयार करेंगे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.