Gurdaspur Crime News: दौरांगला के गांवों में बेखौफ घूम रहे चोर, एक ही रात में 4 बैटरियां गायब; किसानों ने मांगी रात की गश्त
दौरांगला/गुरदासपुर: सीमावर्ती जिला गुरदासपुर के थाना दौरांगला के अंतर्गत आने वाले विभिन्न गांवों में पिछले 10 से 15 दिनों से लगातार बैटरी चोरी की वारदातें सामने आ रही हैं।
चोरों के लगातार सक्रिय होने के कारण स्थानीय किसानों और कृषि मशीनरी मालिकों में भारी दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि इलाके में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय पुलिस प्रशासन अब तक किसी भी चोर या गिरोह के सदस्य को पकड़ने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है।
🚜 डाबूड़ी गांव में बीती रात बड़ी वारदात: कंबाइन और 2 ट्रैक्टरों से 4 बैटरियां चोरी
चोरी की घटना और किसानों को हुआ आर्थिक नुकसान:
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मशीनरी को बनाया निशाना: बीती रात बेखौफ चोरों ने गांव डाबूड़ी में खड़ी कृषि मशीनरी पर धावा बोला और एक कंबाइन हार्वेस्टर तथा दो ट्रैक्टरों को निशाना बनाते हुए कुल 4 बैटरियां चुराकर फरार हो गए।
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सुबह हुआ घटना का खुलासा: सुबह जब मशीनरी मालिक खेतों और बाड़ों में पहुंचे तो उन्हें वारदात का पता चला, जिसके बाद तुरंत इसकी लिखित व मौखिक सूचना दौरांगला थाना पुलिस को दी गई।
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हाल ही में डलवाई थीं नई बैटरियां: पीड़ित कंबाइन मालिक दक्ष ठाकुर और ट्रैक्टर मालिक जसवंत सिंह ने बताया कि उन्होंने सीजन को ध्यान में रखते हुए कुछ समय पहले ही अपनी कंबाइन और ट्रैक्टरों में हजारों रुपये खर्च कर नई बैटरियां लगवाई थीं।
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किसानों पर पड़ा दोहरा आर्थिक बोझ: पीड़ितों ने दुख जताते हुए कहा कि बैटरियां चोरी होने से उन्हें भारी आर्थिक झटका लगा है और अब फसल कटाई के अहम समय पर दोबारा हजारों रुपये खर्च कर नई बैटरी खरीदनी पड़ेगी।
🚔 ग्रामीणों ने लगाई पुलिस से सुरक्षा की गुहार: रात की गश्त बढ़ाने और चोरों को दबोचने की मांग
कानून-व्यवस्था और स्थानीय लोगों की मुख्य मांगें:
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गंभीरता से जांच की मांग: इलाके के किसानों और गणमान्य लोगों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि दौरांगला क्षेत्र में पिछले दिनों हुई सिलसिलेवार बैटरी चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए।
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रात्रिकालीन गश्त में तेजी: ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि देहाती लिंक मार्गों और संवेदनशील गांवों में पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग (रात की गश्त) को तुरंत प्रभाव से बढ़ाया जाए।
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गिरोह के खुलासे की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुलिस इस सक्रिय गिरोह का सुराग लगाकर चोरों को सलाखों के पीछे नहीं भेजती, तब तक किसान अपनी गाढ़ी कमाई और कृषि उपकरणों को लेकर सुरक्षित महसूस नहीं कर सकते।
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