सिरसा: जिले के ऐतिहासिक गांव चौटाला में करीब 6 साल पहले हुए बहुचर्चित पवन हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीश जिंदिया की अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए आरोपी जीतराम को हत्या का दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद (आजीवन कारावास) तथा 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। अदालत ने 24 और 25 सितंबर को मामले की लगातार सुनवाई करने के उपरांत फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसके बाद यह फैसला सुनाया गया।
💔 प्रेम प्रसंग बना था विवाद की वजह: 10 मार्च 2020 होली के दिन हुई थी वारदात
मामले की पृष्ठभूमि और विवाद:
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शादी करना चाहते थे दोनों: अभियोजन पक्ष के अनुसार, मृतक पवन का गांव की ही एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक-दूसरे से विवाह करना चाहते थे।
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पारिवारिक विरोध और पंचायत: जब इस रिश्ते की जानकारी युवती के पिता जीतराम को हुई, तो दोनों पक्षों के बीच गहरा तनाव पैदा हो गया। इस विवाद को सुलझाने के लिए गांव में सामाजिक पंचायत भी बुलाई गई थी, लेकिन बात नहीं बन सकी।
🔪 गली में आने पर भड़का पिता का गुस्सा: चाकू से ताबड़तोड़ वार कर ली थी जान
वारदात का घटनाक्रम:
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गली में आने पर ऐतराज: घटना वाले दिन 10 मार्च 2020 को होली का त्योहार था। जीतराम ने पवन के अपनी गली में आने-जाने पर कड़ा ऐतराज जताया था।
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आवेश में हमला: परिवार के एक सदस्य ने जीतराम को सूचना दी कि पवन फिर से गली में दिखाई दिया है और कथित तौर पर धमकियां दे रहा है। यह सुनते ही जीतराम गुस्से से बेकाबू हो गया।
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मौके पर मौत: आरोपी ने चाकू लेकर पवन के पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर ताबड़तोड़ कई वार किए। गंभीर रूप से घायल पवन ने अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
👮♂️ वारदात के 48 घंटे में हुई थी गिरफ्तारी: 6 साल की कानूनी लड़ाई के बाद मिला न्याय
पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया:
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त्वरित गिरफ्तारी: सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के दो दिन बाद यानी 12 मार्च 2020 को ही मुख्य आरोपी जीतराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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पुख्ता साक्ष्य: पुलिस और अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में पेश किए गए चश्मदीद गवाहों, फॉरेंसिक सबूतों और कानूनी दलीलों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाकर सलाखों के पीछे भेज दिया।
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