Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Baba Sodal Mela Security Plan: 25 सितंबर को लगेगा बाबा सोढल मेला; सीसीटीवी, बम व डॉग स्क्वाड संभालें... BJP Punjab Drug Free Rally: 'पंजाब के भविष्य की दिशा तय करेगी यह रैली'; अशोक सरीन हिक्की ने 50 एकड़ ... BJP Organizational Appointments: बीजेपी ने पंजाब और चंडीगढ़ के प्रभारी-सह प्रभारी किए नियुक्त; देखें... Poonch Security Alert: पुंछ में एलओसी से सटे गांवों में मिलीं 3 लैंडमाइन; सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन... Jodhpur Chemical Factory Fire: जोधपुर में केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग के बाद ब्लास्ट; आग बुझाने में ... IIT Bombay Student Suicide: परीक्षा केंद्र का CCTV फुटेज आया सामने; साहिल वाकोडे मामले में बड़ा खुला... Bhoramdeo Sugar Factory Award: भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को लगातार दूसरी बार मिला 'नेशनल एफिशिएंस... Jashpur News: जशपुर पुलिस की मिसाल! दिवंगत आरक्षक देव नारायण सिंह के पुत्र को मिला आरक्षक पद का नियु... Korba Crime News: जमीन विवाद में बुजुर्ग चाचा की कुल्हाड़ी मारकर हत्या; अगले ही दिन पत्थर से कुचलकर ... Balod Electricity News: बिना सूचना कट रहे पंचायत कनेक्शन; बालोद में बारिश के बीच सरपंच संघ का बड़ा प...

Jharkhand News: ‘घरजमाई बनना व्यक्तिगत पसंद’; हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का फैसला रखा बरकरार, जानिए पूरा मामला

3

रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने पति-पत्नी और पारिवारिक विवाद से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल पत्नी द्वारा पति पर पटना आकर ‘घरजमाई’ बनकर रहने की इच्छा जाहिर करना या आग्रह करना हिंदू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act) के तहत ‘मानसिक क्रूरता’ (Mental Cruelty) नहीं माना जा सकता। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने हजारीबाग निवासी राहुल चौबे की ओर से दाखिल तलाक की याचिका को खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट के निर्णय को पूरी तरह सही ठहराया।

🏠 2008 में हुई थी शादी: पटना जाने के बाद वापस न लौटने पर बढ़ा विवाद

मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, हजारीबाग निवासी राहुल चौबे का विवाह 21 नवंबर 2008 को पटना की एक युवती के साथ हुआ था। दोनों की एक बेटी भी है।

शादी के शुरुआती दिन सामान्य रहे, लेकिन पति का आरोप है कि बाद में पत्नी का बार-बार मायके जाना और वहां लंबे समय तक रहना विवाद की मुख्य वजह बन गया। पति के अनुसार, 24 फरवरी 2013 को पत्नी अपने मायके पटना गई और उसके बाद हजारीबाग स्थित अपने ससुराल वापस नहीं लौटी।

👴 ‘वृद्ध माता-पिता को छोड़कर पटना रहने का दबाव’: पति ने मानसिक प्रताड़ना का लगाया आरोप

पति राहुल चौबे का अदालत में तर्क था कि उसकी पत्नी और ससुराल वाले चाहते थे कि वह अपना हजारीबाग का घर छोड़कर पटना में उनके साथ रहे और ‘घरजमाई’ बनकर जीवन बिताए।

पति ने अदालत को बताया कि उसके माता-पिता अत्यंत वृद्ध और बीमार हैं, जिनकी देखभाल करने वाला घर में कोई अन्य सदस्य नहीं है। उसने अपनी पत्नी को वापस हजारीबाग लाने के कई प्रयास किए, परंतु वह पटना में ही रहने की जिद्द पर अड़ी रही। पति ने इसे गंभीर मानसिक प्रताड़ना बताते हुए हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक दिए जाने की गुहार लगाई थी।

🏛️ पत्नी का पक्ष और हाईकोर्ट की टिप्पणी: ‘घरजमाई बनना व्यक्तिगत पसंद, क्रूरता नहीं’

मामले की सुनवाई के दौरान पत्नी की ओर से अमिकस क्यूरी ने पक्ष रखते हुए कहा कि पत्नी ने पति या उसके परिजनों के साथ कोई क्रूरता नहीं की है। वह आज भी अपने पति के साथ सम्मानपूर्वक रहना चाहती है और दांपत्य संबंध खत्म नहीं करना चाहती।

फैमिली कोर्ट द्वारा वर्ष 2022 में तलाक की अर्जी खारिज किए जाने के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अपने मायके जाना और रहना पत्नी का वैधानिक अधिकार है। ठीक उसी तरह घरजमाई बनना या न बनना पति की अपनी व्यक्तिगत पसंद है। हालांकि, केवल पत्नी द्वारा साथ रहने या घरजमाई बनने का आग्रह करना कानूनन मानसिक क्रूरता की श्रेणी में नहीं आता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.