Jhasa vs Yogendra Sau: हजारीबाग सीओ से बदसलूकी मामले में भड़का प्रशासनिक सेवा संघ; डीसी से की कार्रवाई की मांग
हजारीबाग। झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के खिलाफ झारखंड प्रशासनिक सेवा (झासा) के अधिकारियों ने जोरदार मोर्चा खोल दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने एक उच्चस्तरीय बैठक कर चेतावनी दी है कि यदि पूर्व मंत्री के खिलाफ शीघ्र ही कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरे झारखंड में चरणबद्ध तरीके से बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। पूर्व मंत्री द्वारा अधिकारी के खिलाफ दिए गए विवादित बयान और अभद्र व्यवहार से प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में गहरा आक्रोश है।
📜 हजारीबाग डीसी हेमंत सती से की कार्रवाई की मांग: सर्किट हाउस में आयोजित हुई आपात बैठक
हजारीबाग के सर्किट हाउस (परिसदन) में झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ की हजारीबाग इकाई ने एक आपात बैठक बुलाई।
बैठक में शामिल पदाधिकारियों ने हजारीबाग के उपायुक्त (DC) हेमंत सती से मुलाकात कर पूर्व मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन और पुलिस त्वरित कार्रवाई नहीं करती है, तो पूरे राज्य के प्रशासनिक अधिकारी कार्य बहिष्कार कर सड़कों पर उतरने को विवश होंगे।
🗣️ सदर सीओ आशुतोष कुमार से बदसलूकी का आरोप: प्रशासनिक अधिकारियों ने जताई कड़ी आपत्ति
आयोजित बैठक में प्रशासनिक सेवा के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में यह विषय प्रमुखता से उठा कि पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने सदर अंचलाधिकारी (CO) आशुतोष कुमार पर न केवल अमर्यादित व विवादित टिप्पणियां कीं, बल्कि उनके साथ सार्वजनिक रूप से दुर्व्यवहार भी किया। अधिकारियों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि थाने में दी गई लिखित शिकायत पर पुलिस द्वारा तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
⚠️ कार्रवाई न होने पर पूरे झारखंड में कार्य बहिष्कार का ऐलान: झासा अध्यक्ष ने दी चेतावनी
झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ (हजारीबाग इकाई) के अध्यक्ष महेंद्र छोटन उरांव ने बताया कि पूरी घटना से जिला स्तर पर उपायुक्त और राज्य स्तर पर संघ की केंद्रीय समिति को अवगत करा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि थाने में दिए गए आवेदन के आधार पर पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी की मांग की गई है, लेकिन अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यदि अविलंब गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आंदोलन की अगली रूपरेखा जल्द तय की जाएगी।
🚧 अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान हुआ था विवाद: सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी आरोप
उल्लेखनीय है कि पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा और अतिक्रमण करने का गंभीर आरोप है।
उक्त जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मौके पर गई थी। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान योगेंद्र साव ने टीम का नेतृत्व कर रहे अधिकारी के साथ अभद्रता की, अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की, जिससे प्रशासनिक टीम को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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