Ludhiana News Today: NHRC मॉनिटर बाल कृष्ण गोयल का जेल दौरा; बंदियों के खाने की गुणवत्ता और स्किल डेवलपमेंट पर दिए सख्त निर्देश
लुधियाना। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के विशेष मॉनिटर बाल कृष्ण गोयल ने ताजपुर रोड स्थित सेंट्रल जेल, ब्रौस्टल जेल तथा महिला जेल का विशेष दौरा कर व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। इस अवसर पर उनके साथ जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी वरिंदर सिंह टिवाना, जिला बाल सुरक्षा अधिकारी रश्मि के अलावा जिला प्रशासन व पुलिस के अन्य उच्च प्रशासनिक अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
🍽️ भोजन की गुणवत्ता में सुधार और कौशल विकास पर जोर: जेल अधीक्षकों के साथ की समीक्षा बैठक
दौरे के दौरान विशेष मॉनिटर बाल कृष्ण गोयल ने जेलों में बंदियों को मिलने वाली खान-पान की सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की।
इसके बाद उन्होंने तीनों जेलों के अधीक्षकों (सुपरिंटेंडेंट) के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर कैदियों की मूलभूत सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि जेलों में आवश्यक सुधार तुरंत प्रभाव से लागू किए जाएं और कैदियों के भोजन की गुणवत्ता (Food Quality) को और बेहतर बनाया जाए। साथ ही, ब्रौस्टल जेल के युवा बंदियों के लिए कौशल विकास (Skill Development) के कोर्स अनिवार्य रूप से संचालित करने के आदेश दिए।
🧵 महिला कैदियों के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग की पहल: आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिए निर्देश
उन्होंने कहा कि महिला कैदियों को अचार बनाने, मेहंदी लगाने, सिलाई तथा अन्य व्यावसायिक (Vocational) प्रशिक्षण दिए जाएं, ताकि सजा पूरी कर बाहर निकलने के बाद वे अपना स्वयं का रोजगार स्थापित कर सम्मानजनक जीवन जी सकें।
विशेष मॉनिटर ने कैदियों से सीधी बातचीत कर मुलाकातों में होने वाली देरी और जमानत से जुड़ी कानूनी समस्याओं को सुना तथा जेल प्रशासन को इन छोटी-मोटी समस्याओं का त्वरित समाधान करने के सख्त निर्देश दिए।
📋 हर महीने जेलों में भेजा जाएगा शिकायत रजिस्टर: जेल अधीक्षकों की उपस्थिति में दिए सुझाव
बाल कृष्ण गोयल ने जेल प्रशासन को एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि प्रत्येक माह एक विशेष ‘शिकायत रजिस्टर’ जेल के अंदर भेजा जाना चाहिए, जिसमें कैदी बिना किसी डर के अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज करा सकें।
इस दौरान सेंट्रल जेल के सुपरिंटेंडेंट कुलवंत सिंह सिद्धू, ब्रौस्टल जेल के सुपरिंटेंडेंट गुरप्रीत सिंह तथा महिला जेल के सुपरिंटेंडेंट दलबीर सिंह काहलों प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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