West Bengal By-Elections Update: ममता बनर्जी के समर्थन के बाद गिरफ्तारी पर कांग्रेस का हमला, कोर्ट ने भेजा जेल
हल्दिया सब-डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले गिरफ्तार किए गए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 14 दिन की जेल कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है. शुक्रवार को पुलिस ने उन्हें हत्या और हत्या की कोशिश जैसे चार पुराने मामलों में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद बंगाल की राजनीति में भारी भूचाल आ गया है. कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है, जबकि शनिवार को कोर्ट में पेशी के दौरान मिलन प्रधान ने कहा कि टीएमसी पूरी तरह से डरी हुई है.
🗳️ 2. क्या जेल में रहने के बावजूद चुनाव लड़ पाएंगे मिलन प्रधान? जानिए क्या कहते हैं चुनाव आयोग के नियम
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कांग्रेस उम्मीदवार को जमानत नहीं मिलती है, तो क्या वे चुनाव लड़ पाएंगे? नियमों के अनुसार, यदि किसी उम्मीदवार को दो साल से कम की सजा होती है, तो चुनाव आयोग के नियमों के तहत उनकी उम्मीदवारी पर कोई रोक नहीं लगती और स्क्रूटनी भी प्रभावित नहीं होती. वे जेल में रहकर भी अपना चुनाव प्रचार जारी रख सकते हैं और रिकॉर्डेड भाषणों का उपयोग कर सकते हैं. इससे पहले मदन मित्रा और अधीर रंजन चौधरी जैसे नेता भी जेल से चुनाव लड़ चुके हैं.
⚖️ 3. ममता बनर्जी के समर्थन के बाद हुई गिरफ्तारी पर उठे सवाल, कांग्रेस ने फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में जाने का किया ऐलान
कांग्रेस नेताओं और प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया है. वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता और वकील अजितेश पांडे ने कहा कि हमने जमानत की अर्जी लगाई थी और कोर्ट में सवाल उठाया कि नामांकन के ठीक बाद इतने पुराने मामलों का हवाला देकर गिरफ्तारी क्यों की गई. हालांकि कोर्ट ने 14 दिन की कस्टडी का आदेश दिया है, जिसके खिलाफ पार्टी अब ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएगी.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.