Balodabazar News: बलौदाबाजार में मीडिया से विवाद और शराबी शिक्षक मामले में बड़ी कार्रवाई; प्राचार्या हटाई गईं, शिक्षक सस्पेंड
बलौदाबाजार। शहर के पंडित चक्रपाणी शुक्ल उत्कृष्ट विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या वंदिनी श्रीवास्तव को प्रशासनिक पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। छात्र-छात्राओं से कथित अभद्र व्यवहार, विद्यालय में शिक्षक के शराब पीकर पहुँचने की शिकायत और मामले की कवरेज करने पहुँचे पत्रकारों से हुए तीखे विवाद के बाद शिक्षा विभाग ने यह बड़ी कार्रवाई की है। प्रभारी प्राचार्या वंदिनी श्रीवास्तव को हटाकर वरिष्ठ व्याख्याता निर्मला साहू को विद्यालय का अस्थायी प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रभार सौंपा गया है।
🍷 शराब पीकर स्कूल पहुँचने वाले शिक्षक पर भी कसा शिकंजा: निलंबन के लिए रायपुर भेजा गया प्रस्ताव
विद्यालय में शराब का सेवन कर पहुँचने और विद्यार्थियों के साथ कथित गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार करने के आरोपों से घिरे व्याख्याता नरेश तिवारी के मामले में भी कड़ा एक्शन लिया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय की ओर से उनके निलंबन (Suspension) की अनुशंसा का प्रस्ताव लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर भेजा गया है। यह प्रशासनिक कार्रवाई 18 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक आदेश के बाद सामने आई है। इसके साथ ही पिछले कुछ दिनों से विवादों के घेरे में चल रहे इस विद्यालय में विभागीय जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज़ हो गई है।
🎥 क्या था पूरा विवाद? पत्रकारों को कवरेज से रोकने पर 4 घंटे चला धरना-प्रदर्शन
दरअसल, कुछ दिन पहले विद्यालय में पदस्थ शिक्षक नरेश तिवारी के खिलाफ मिल रही शिकायतों और उनके शराब के नशे में स्कूल आने की जानकारी जुटाने के लिए स्थानीय मीडियाकर्मी पहुँचे थे।
आरोप है कि तत्कालीन प्रभारी प्राचार्या वंदिनी श्रीवास्तव ने पत्रकारों को कवरेज करने से रोका और अपने चेंबर से बाहर निकलने को कहा। इस बात पर मीडियाकर्मियों और प्राचार्या के बीच तीखी बहस हो गई। इसके विरोध में पत्रकारों ने स्कूल परिसर के मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया। लगभग 4 घंटे चले इस प्रदर्शन में प्राचार्या और आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
🚓 SDM और पुलिस बल मौके पर पहुँचा: देर रात लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ धरना
पत्रकारों के विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे।
धरना स्थल पर एसडीएम (SDM) प्रकाश कोरी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक जिला शिक्षा अधिकारी और कोतवाली थाना प्रभारी लाखेश केवट मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और निष्पक्ष जांच व नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया। देर रात करीब 8 बजे लिखित आश्वासन मिलने के बाद पत्रकारों ने अपना धरना समाप्त किया, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने जांच प्रक्रिया शुरू की।
🔍 कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर बनी जांच टीम: रिपोर्ट में सही पाए गए आरोप
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया और जिला शिक्षा अधिकारी को उच्च स्तरीय जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए।
जांच दल ने विद्यालय पहुँचकर घटनाक्रम के साक्ष्य और बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया प्राचार्या और शिक्षक के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए। यह रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग को सौंपी गई, जिसके आधार पर वंदिनी श्रीवास्तव को प्रभारी प्राचार्या के प्रभार से मुक्त करने का फैसला लिया गया।
📋 वरिष्ठ व्याख्याता निर्मला साहू को सौंपी गई कमान: नया प्रशासनिक प्रभार लागू
जिला शिक्षा अधिकारी शिवकुमार गेंदले द्वारा जारी आदेश के अनुसार, वंदिनी श्रीवास्तव को प्रभारी प्राचार्य के दायित्वों से तुरंत प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है।
उनकी जगह पर विद्यालय की वरिष्ठ व्याख्याता निर्मला साहू को स्कूल का अस्थायी प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रभार सौंपा गया है। अब से विद्यालय के सभी प्रशासनिक संचालन की जिम्मेदारी निर्मला साहू संभालेंगी। यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है, जब विद्यालय लगातार विवादों और शिकायतों के कारण सुर्खियों में बना हुआ था।
⚠️ पहले भी विवादों से घिरी रही हैं पूर्व प्राचार्या: पिकनिक का वीडियो हुआ था वायरल
प्रभारी प्राचार्या वंदिनी श्रीवास्तव से जुड़ा यह कोई पहला विवाद नहीं है। इससे पूर्व भी बोर्ड परीक्षाओं के दौरान उनकी कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।
बताया जाता है कि बोर्ड परीक्षा के समय केंद्राध्यक्ष (Center Superintendent) के रूप में अपनी मुख्य जिम्मेदारी संभालने के बजाय उन्होंने अपना प्रभार एक सहायक को सौंप दिया था। इसके बाद परीक्षा अवधि के दौरान ही उनके पिकनिक मनाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था।
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