Durg Jail Search Operation: कैदियों तक कैसे पहुंचे मोबाइल और कैंची? दुर्ग जेल रेड के बाद कॉल डिटेल जांचेगी पुलिस
दुर्ग। अक्सर यह शिकायतें मिलती रहती हैं कि जेलों में बंद कैदी अवैध रूप से मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं और बाहर के लोगों को धमकाते या रंगदारी मांगते हैं। जेल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन लगातार इन शिकायतों पर कार्रवाई करता रहा है। इसी सिलसिले में गुरुवार सुबह जिला एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने दुर्ग जिला जेल में अचानक दबिश देकर पूरे परिसर में व्यापक और सघन तलाशी अभियान चलाया। अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल प्रशासन और बंदियों के बीच हड़कंप मच गया।
🔍 10 टीमों ने 2 घंटे खंगाला एक-एक बैरक: 2 मोबाइल, सिम कार्ड, कैंची और चिलम समेत भारी सामग्री जब्त
कलेक्टर अभिजीत सिंह की अगुवाई में करीब 100 अधिकारियों और पुलिस जवानों की टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के सुबह 6 बजे जेल को चारों तरफ से घेरकर जांच शुरू की।
तलाशी के लिए 10 अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं, जिन्होंने एक-एक बैरक, शौचालय, अहाते और संभावित छिपने वाले स्थानों की बारीकी से जांच की। करीब दो घंटे तक चले इस ऑपरेशन में दो मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, चिलम, लाइटर, कैंची और नेलकटर समेत कई अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद किए गए।
📞 कॉल डिटेल से खुलेगा राज: बाहर किन-किन लोगों से हुई बातचीत, पुलिस करेगी गहन जांच
कार्रवाई के दौरान एडीएम वीरेंद्र सिंह, एडिशनल एसपी शहर शोभराज अग्रवाल और सीएसपी दुर्ग हर्षित मेहर समेत पुलिस व प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
एडिशनल एसपी ने बताया कि सुबह 6 से 8 बजे तक आकस्मिक चेकिंग की गई। अधिकारियों ने कहा, “हमने सभी बैरकों की जांच की है। बैरकों से बीड़ी, लाइटर और कैंची जैसे सामान मिले हैं। हम यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर सुरक्षा घेरा तोड़कर ये सामान अंदर कैसे पहुंचे। जो फोन और सिम कार्ड मिले हैं, उनकी कॉल डिटेल (CDR) निकाली जाएगी ताकि यह पता चल सके कि जेल के भीतर से बाहर किन-किन लोगों से संपर्क साधा गया था।”
📋 पंचनामा तैयार कर थाने को सौंपा गया मामला: जेल सुरक्षा में लापरवाही बरतने वालों पर गिरेगी गाज
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि मौके से बरामद सभी प्रतिबंधित सामग्रियों का पंचनामा तैयार कर संबंधित थाना प्रभारी को अग्रिम कानूनी कार्रवाई हेतु सौंप दिया गया है।
बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की तकनीकी जांच की जा रही है। मोबाइल से किन-किन नंबरों पर बातचीत हुई, सिम कार्ड किसके नाम पर रजिस्टर्ड हैं और जेल के भीतर यह सामग्री पहुंचाने में किन कर्मियों या बाहरी तत्वों की भूमिका रही, इसकी भी सूक्ष्मता से जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.