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Ratlam Murder Case: जमीन का हिस्सा न देना पड़े इसलिए देवर-ससुर ने ली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की जान; रतलाम पुलिस ने भेजा जेल

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रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नयाखेड़ा में गत 11 सितंबर को हुई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई (पत्नी स्वर्गीय रायसिंह डामोर) की निर्मम हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है।

पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि देवीबाई के काका ससुर 60 वर्षीय बद्दा (पुत्र दल्ला डामोर) और उसके बेटे यानी मृतका के देवर 32 वर्षीय बसंतीलाल उर्फ गुड्डा डामोर ने मिलकर तड़के तीन बजे कुल्हाड़ी से वार कर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। देवीबाई और देवर गुड्डा के बीच प्रेम संबंधों के चलते हुए सामाजिक इकरारनामे में देवीबाई को पारिवारिक जमीन का आधा हिस्सा न देना पड़े, इसलिए पिता-पुत्र ने मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

🩸 खाट के पास खून से लथपथ मिली थी लाश: एसपी के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने सुलझाई अंधी कत्ल की गुत्थी

उल्लेखनीय है कि घटना की सुबह करीब छह बजे ग्राम नयाखेड़ा निवासी अन्नूसिंह डामोर खेत की ओर जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने देखा कि देवीबाई रोजाना की तरह बरामदे में खाट पर नहीं सो रही थी, बल्कि खाट के पास जमीन पर खून से लथपथ पड़ी हुई थी। उसके सीधे कान के पास सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। अन्नूसिंह ने तत्काल इसकी सूचना देवीबाई के देवर भूरालाल डामोर को दी।

इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) अमित कुमार के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। एएसपी राकेश कुमार पंद्रो और एएसपी विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी ग्रामीण किशोर पाटनवाला व अजाक डीएसपी अजय सारवान के नेतृत्व में टीम ने संदेहियों की पतारसी शुरू की। मुखबिर से सटीक सूचना मिलने के बाद बसंतीलाल उर्फ गुड्डा और बद्दा डामोर को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस को शुरुआत से ही गुड्डा पर शक था, क्योंकि हत्या से दो दिन पूर्व भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के खेत की झोपड़ी से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, खून से सने कपड़े और मोबाइल फोन बरामद कर जब्त कर लिए हैं।

💔 पति की मौत के बाद 2017 से थे प्रेम संबंध: जमीन में आधा हिस्सा देने के वादे से मुकरने पर बढ़ा विवाद

शिवगढ़ थाना प्रभारी रणजीतसिंह मकवाना ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गुड्डा और देवीबाई के बीच वर्ष 2017 से प्रेम संबंध थे।

जब इसकी जानकारी परिवार और समाज के लोगों को हुई, तो देवीबाई के रहने, भरण-पोषण और संपत्ति में अधिकार को लेकर सामाजिक स्तर पर एक पंचायत में सहमति बनी थी। तब गुड्डा के पिता बद्दा ने देवीबाई को अपने पुत्र के साथ रखने, पारिवारिक जमीन में आधा हिस्सा देने, बच्चों के पालन-पोषण और रहने के लिए अलग मकान उपलब्ध कराने का वादा किया था।

वादे के मुताबिक देवीबाई के रहने के लिए मकान तो बना दिया गया, लेकिन बाद में जमीन में आधा हिस्सा देने से साफ इनकार कर दिया गया। इसी बात को लेकर देवीबाई और दोनों आरोपियों के बीच लगातार विवाद और झगड़ा होता रहता था। आरोपी इस विवाद से परेशान थे और गांव व समाज में बदनामी से बचने तथा जमीन का हिस्सा न देना पड़े, इसी दुर्भावना से दोनों ने मिलकर देवीबाई को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा।

🎖️ सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कार की घोषणा: साइबर और थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

इस जटिल हत्याकांड का त्वरित खुलासा करने में रावटी थाना प्रभारी डीएसपी सुरेंद्रसिंह गडरिया, शिवगढ़ थाना प्रभारी रणजीतसिंह मकवाना, सरवन थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया, निरीक्षक कन्हैया अवास्या, एसआई प्रतापसिंह भदोरिया, अजमेरसिंह भूरिया, ईशाक मोहम्मद खान, साइबर प्रभारी जीवन बारिया, प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, मनीष खराड़ी तथा आरक्षक विपुल भावसार, तुषार सिसोदिया और राहुल पाटीदार की मुख्य भूमिका रही। एसपी अमित कुमार ने सफलता पूर्वक कार्रवाई करने वाली पूरी पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

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