Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Gopal Kanda News: ईडी की रडार पर आए गोपाल कांडा, PMLA के तहत गुरुग्राम में ठिकानों पर हुई बड़ी कार्र... Anuradha Choudhary Husband Kala Jathedi: दिल्ली कोर्ट का आदेश, 20 सितंबर को घर जाकर परिवार से मिलेगा... Geeta Colony Flyover Loot: चांदनी चौक के डिलीवरी बॉय से हथियार के बल पर लूट, पुलिस ने सुलझाई वारदात Delhi DTC Bus Strike Update: डीटीसी चालकों की हड़ताल का तीसरा दिन, 5000 से अधिक बसें ठप होने से आम ज... Faridabad Medical Negligence: फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में हंगामा, प्रसव के दौरान महिला और बच्चे की... Ladwa Electrocution Incident: वार्ड-10 निवासी मनीष कुमार की करंट लगने से गई जान, नंगे पांव कर रहा था... Kaithal Police Action: एसपी मनप्रीत सिंह को शिकायत देकर सिंगर ने मांगी सुरक्षा, मोबाइल लोकेशन खंगाल ... Jabalpur Land Scam: यूरिया लेने पहुंचे किसान के उड़े होश, बिना बेचे ही किसी और के नाम दर्ज हो गई 7 ए... Ratlam Police Action: रतलाम पुलिस की नशा तस्करों पर बड़ी स्ट्राइक! साफेमा कोर्ट से 34 करोड़ की अवैध ... Morena Police Mystery: मुरैना में तेज रफ्तार कार कंटेनर में घुसी, तलाशी में पिस्टल और 41 लाख रुपए दे...

Vastu Tips for Home Center: वास्तु के अनुसार कैसा होना चाहिए घर का ब्रह्मस्थान? जानें किन चीजों से बचना है जरूरी

5

वास्तु शास्त्र में घर की बनावट को सिर्फ कमरों और दिशाओं के आधार पर नहीं देखा जाता, बल्कि घर के केंद्र को भी खास महत्व दिया जाता है. इसी हिस्से को ब्रह्मस्थान कहा जाता है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार यह घर का वह स्थान है जहां अलग-अलग दिशाओं से आने वाली ऊर्जा का मिलन होता है. ब्रह्मस्थान को सृष्टिकर्ता भगवान ब्रह्मा से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि घर के इस हिस्से को खुला, साफ और हल्का रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर बना रहता है. यही वजह है कि वास्तु में घर के मध्य भाग को लेकर कुछ खास सावधानियां बताई गई हैं.

📐 2. घर में कहां होता है ब्रह्मस्थान और इसे खुला रखने की सलाह क्यों दी जाती है?

किसी भी घर या भवन के बिल्कुल बीच का हिस्सा ब्रह्म स्थान कहलाता है. इसे समझने का आसान तरीका यह है कि घर को चारों दिशाओं से बराबर हिस्सों में बांटकर उसके बीच का भाग देखा जाए, तो यह केंद्रीय हिस्सा ही ब्रह्मस्थान माना जाता है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार इस स्थान को हमेशा हल्का और खुला रखना शुभ माना जाता है. इसलिए यहां भारी अलमारी, बड़ी मशीन या स्टोर का सामान रखने से बचने की सलाह दी जाती है, ताकि घर की ऊर्जा का संतुलन प्रभावित न हो.

🏗️ 3. ब्रह्मस्थान में पिलर, खंभा या सीढ़ियां होना क्यों माना जाता है बड़ा वास्तु दोष?

वास्तु के अनुसार ब्रह्मस्थान में पिलर, खंभा या कोई बड़ा स्थायी निर्माण होने से बचना चाहिए. इसका कारण यह है कि घर के केंद्र में किसी तरह की रुकावट होने से ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो सकता है. इसी तरह घर के केंद्र में सीढ़ियां बनाने से भी बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि सीढ़ियां एक भारी और स्थायी संरचना होती हैं, जो केंद्रीय हिस्से की ऊर्जा को प्रभावित कर सकती हैं.

🚿 4. घर के केंद्र में टॉयलेट या रसोई बनवाना क्यों है वर्जित? जानिए क्या कहते हैं वास्तु नियम

वास्तु मान्यताओं में ब्रह्मस्थान में टॉयलेट या रसोई बनाना बिल्कुल उचित नहीं माना जाता. टॉयलेट से जुड़ी गतिविधियों को घर के इस पवित्र केंद्रीय स्थान के अनुकूल नहीं माना गया है. वहीं, रसोई में अग्नि तत्व प्रमुख होता है, जबकि ब्रह्मस्थान संतुलन का क्षेत्र है. यही वजह है कि घर का नक्शा बनाते समय इन चीजों को मध्य भाग से दूर रखने की विशेष सलाह दी जाती है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.