चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रदेशभर के ग्रामीण सफाई कर्मियों के सामाजिक एवं आर्थिक संबल के लिए कई ऐतिहासिक और कल्याणकारी निर्णयों की आधिकारिक घोषणा की है।
यह निर्णय 29 मई 2026 को ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के साथ संपन्न हुई उच्चस्तरीय बैठक में रखी गई मांगों के आधार पर लिए गए हैं। विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
निर्णय के अंतर्गत ग्रामीण सफाई कर्मियों के मानदेय को 16,000 रुपये से बढ़ाकर 18,100 रुपये प्रतिमाह किया गया है। बढ़ी हुई 2,100 रुपये प्रतिमाह की दर से जनवरी 2026 से 30 जून 2026 तक की संचित बकाया एरियर राशि का एकमुश्त भुगतान संबंधित कर्मियों को शीघ्र जारी किया जाएगा।
📋 अक्टूबर 2023 की हड़ताल अवधि का मानदेय होगा जारी: बाहरी ड्यूटी पर 200 रुपये दैनिक भत्ता
बकाया वेतन का निस्तारण और अतिरिक्त भत्ता:
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हड़ताल अवधि के मानदेय का भुगतान: अक्टूबर 2023 में हुई हड़ताल अवधि के दौरान जिन पात्र कर्मियों का मानदेय रोक लिया गया था, उन्हें आधिकारिक विभागीय रिकॉर्ड के भौतिक सत्यापन उपरांत बकाया राशि जारी की जाएगी।
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लाभान्वित ब्लॉक: इसके अंतर्गत ढांड के 48, फर्रुखनगर के 54, सींघमा के 25 और निजामपुर के 15 सफाई कर्मियों को सीधे वित्तीय लाभ प्राप्त होगा।
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गांव से बाहर ड्यूटी पर अतिरिक्त भत्ता: गांव की सीमा से बाहर ड्यूटी पर भेजे जाने वाले ग्रामीण सफाई कर्मियों को 200 रुपये प्रतिदिन की दर से विशेष भत्ता दिया जाएगा। यह राशि संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) कार्यालय द्वारा ‘पेटी कैश’ मद से प्रदान की जाएगी।
🦺 वर्दी और धुलाई भत्ते में भारी इजाफा: कर्मचारियों को मिली बड़ी वित्तीय राहत
वार्षिक भत्तों में संशोधन:
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वर्दी भत्ते में 2,000 रुपये की वृद्धि: सफाई कर्मचारियों के वार्षिक वर्दी भत्ते को 4,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 6,000 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है।
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धुलाई भत्ता भी बढ़ा: इसी प्रकार वस्त्र धुलाई भत्ते में 500 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए इसे 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित किया गया है।
🛡️ ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर परिवार को अनुकंपा नियुक्ति: EPF और ESI क्लेम में मदद करेगा BDPO कार्यालय
सामाजिक सुरक्षा और अनुकंपा प्रावधान:
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परिवार के सदस्य को नियुक्ति: एक अत्यंत संवेदनशील निर्णय लेते हुए सरकार ने व्यवस्था की है कि यदि किसी ग्रामीण सफाई कर्मी की सेवाकाल (ड्यूटी) के दौरान असमय मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार के एक आश्रित सदस्य को अनुकंपा के आधार पर तुरंत सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जाएगी।
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क्लेम निपटान में पूर्ण प्रशासनिक सहयोग: मृतक कर्मचारी के परिजनों को कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) से जुड़े मृत्यु दावों का त्वरित भुगतान दिलाने में बीडीपीओ कार्यालय सीधे सहायता करेगा।
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शोषण पर रोक: इस पहल का मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार को जटिल कागजी प्रक्रियाओं से बचाना और बिचौलियों या निजी एजेंसियों द्वारा होने वाले किसी भी प्रकार के शोषण की संभावना को समाप्त करना है।
⏰ 7 तारीख तक मानदेय देना अनिवार्य: भुगतान में देरी पर 500 रुपये जुर्माना देय
समयबद्ध भुगतान और प्रशासनिक जवाबदेही:
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निश्चित समय-सीमा: ग्रामीण सफाई कर्मियों को समय पर पारिश्रमिक उपलब्ध कराने हेतु शासन ने कड़ा नियम लागू किया है। इसके अनुसार प्रत्येक माह की 7 तारीख तक कर्मियों के बैंक खातों में मानदेय अंतरित करना अनिवार्य होगा।
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देरी पर दंडात्मक कार्रवाई: यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है, तो उत्तरदायी प्रशासनिक स्तर पर 500 रुपये का जुर्माना आरोपित किया जाएगा।
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सकारात्मक प्रभाव: हरियाणा सरकार के इन दूरगामी कदमों से ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था में लगे कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों में सुधार होगा और उनके जीवन स्तर को ठोस सुरक्षा मिलेगी।
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