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सड़कों पर भौकाल नहीं, जिम्मेदारी: दमन कलेक्टर ने थार-फॉर्च्यूनर मालिकों को दिलाई सेफ ड्राइविंग की शपथ

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दमन: सड़कों पर महिंद्रा थार (Mahindra Thar) और टोयोटा फॉर्च्यूनर (Toyota Fortuner) का नाम आते ही अक्सर लोगों के जेहन में तेज रफ्तार, अनियंत्रित ड्राइविंग और ‘भौकाल’ का ख्याल आता है।

लेकिन केंद्र शासित प्रदेश दमन के जिला प्रशासन ने इस आक्रामक और घिसे-पिटे ‘टफ लुक’ के मिथक को पूरी तरह तोड़ दिया है। सड़क सुरक्षा की दिशा में एक अनूठी और नजीर पेश करने वाली पहल करते हुए दमन के जिला कलेक्टर सौरभ मिश्रा ने सैकड़ों थार और फॉर्च्यूनर मालिकों को एक कतार में खड़ा कर जिम्मेदार व सुरक्षित ड्राइविंग की शपथ दिलाई। सोशल मीडिया पर इस विशेष रोड सेफ्टी कैंपेन का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जहां सड़कों पर ‘भाईगिरी’ के ऊपर ‘जिम्मेदारी’ को प्राथमिकता दी जा रही है।

📢 ‘थार का मतलब भाईगिरी नहीं, जिम्मेदारी है’: कलेक्टर सौरभ मिश्रा की दो टूक नसीहत

कार्यक्रम में चालकों को दिया गया कड़ा संदेश:

  • हुड़दंग के लिए नहीं हैं गाड़ियां: ट्रांसपोर्ट नगर में आयोजित इस अभियान में कलेक्टर सौरभ मिश्रा ने स्पष्ट किया कि थार या फॉर्च्यूनर जैसी पावरफुल गाड़ियां सड़कों पर गुंडागर्दी, स्टंट या भाईगिरी प्रदर्शित करने के लिए नहीं बनाई गई हैं।

  • अनुशासित नागरिक बनने का आह्वान: कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि थार का असली अर्थ जिम्मेदारी है। इसके स्वामियों को ऐसा अनुशासित नागरिक बनना चाहिए जो सड़क पर संकट में फंसे लोगों और विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा व सहायता के लिए सबसे पहले आगे आएं।

🪧 ‘रफ्तार नहीं संस्कार, मेरी गाड़ी मेरी ताकत है घमंड नहीं’: पोस्टर्स के जरिए बदली सोच

अभियान के मुख्य प्रेरक संदेश:

  • हाथों में तख्तियां: आयोजन के दौरान वाहन चालकों के हाथों में पीले रंग के पोस्टर्स और बैनर थे, जिन पर मानसिकता में बदलाव लाने वाले कड़े संदेश लिखे थे।

  • प्रमुख नारे: “भाईगिरी कूल नहीं है”, “रफ्तार नहीं संस्कार” और “मेरी गाड़ी मेरी ताकत है, घमंड नहीं” जैसे नारों के माध्यम से चालकों को जागरूक किया गया।

  • विशाल पार्किंग में शपथ: कार्यक्रम स्थल के पीछे विशाल पार्किंग क्षेत्र में कतारबद्ध खड़ी सैकड़ों एसयूवी इस ऐतिहासिक सुरक्षा संकल्प की गवाह बनीं।

📲 आनंद महिंद्रा और महिंद्रा ग्रुप तक पहुंचा संदेश: सोशल मीडिया पर अभियान की सराहना

प्रशासनिक पहल का राष्ट्रीय स्तर पर प्रसार:

  • आधिकारिक वीडियो साझा: दमन के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने इस पूरे आयोजन का वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल X पर साझा किया।

  • महिंद्रा ग्रुप की मुहिम से जुड़ाव: प्रशासन ने इस पहल को महिंद्रा के आधिकारिक अभियान #TharKaMatlabZimmedari के साथ जोड़ते हुए महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा को भी टैग किया, ताकि यह संदेश देशभर के वाहन चालकों तक पहुंचे।

🚙 थार और फॉर्च्यूनर चालकों पर ही क्यों रहा विशेष फोकस?

लक्ष्य और अभियान की पृष्ठभूमि:

  • स्टंट और रैश ड्राइविंग पर लगाम: भारत में थार और फॉर्च्यूनर बेहद लोकप्रिय व शक्तिशाली गाड़ियां हैं, लेकिन हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कुछ चालकों द्वारा खतरनाक स्टंट करने और हुड़दंग मचाने के कई वीडियो सामने आए थे।

  • जिम्मेदार चालकों की छवि की रक्षा: इस अभियान का उद्देश्य उन सभी नियमपालक और संभ्रांत चालकों की प्रतिष्ठा को बचाना है जो इन वाहनों का सही उपयोग करते हैं, साथ ही नए चालकों में यातायात नियमों के प्रति गंभीरता जगाना है।

📊 भारत में सड़क दुर्घटनाओं और SUV श्रेणी के आंकड़े: ओवरस्पीडिंग सबसे बड़ा खतरा

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के आधिकारिक आंकड़े:

  • कुल दुर्घटनाएं और मौतें: e-DAR (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) पोर्टल के अनुसार, 1 जनवरी से 27 जुलाई 2026 तक देश में 2,96,447 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 1,01,139 लोगों ने अपनी जान गंवाई।

  • कार/SUV की हिस्सेदारी: देश में कुल सड़क हादसों में होने वाली मौतों में कार एवं एसयूवी श्रेणी की हिस्सेदारी लगभग 13% से 15% के बीच है।

  • सालाना मौतें: SUV और कार श्रेणी से जुड़े हादसों में हर साल 23,000 से 25,000 लोगों की मृत्यु होती है।

  • ओवरस्पीडिंग मुख्य कारण: इन जानलेवा दुर्घटनाओं में 70% से अधिक हादसों की मुख्य वजह अत्यधिक रफ्तार (Over-speeding) पाई गई है।

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