Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
कवर्धा में फर्जी डिजिटल पेमेंट का भंडाफोड़: फर्जी रिसीविंग दिखाकर नकद राशि ऐंठने वाले गिरोह पर एक्शन Bhilai News: भिलाई सेक्टर-2 में गटर की सफाई के दौरान मिला नवजात का शव, इलाके में सनसनी; जांच में जुट... Barwani News: बिजासन घाट में शिमला मिर्च से भरे मिनी ट्रक में लगी भीषण आग, कूदकर बची ड्राइवर की जान;... लाठीचार्ज के बाद भड़के डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स ने किया OPD का बहिष्कार; JDA का समर्थन MP High Court on Dacoity Act: जब प्रदेश में डकैत ही नहीं तो 45 साल पुराना एक्ट क्यों? हाईकोर्ट ने DG... भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: कमला पार्क में धरना जारी, मिला कांग्रेस का... रतलाम में मॉडिफाइड साइलेंसरों पर गरजा पुलिस का बुलडोजर: 108 साइलेंसर कुचले, ₹1 लाख का जुर्माना वसूला Gwalior Achaleshwar Mandir: अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटी से निकली अनोखी चिट्ठियां, भक्त बोला- 'क... Chhindwara Patalkot School: पातालकोट में दावों की खुली पोल, 5 साल से छप्पर वाले कच्चे मकान में पढ़ने... सागर कांड के बाद छतरपुर प्रशासन का बड़ा एक्शन: अवैध शराब कारोबारियों पर संयुक्त प्रहार

5G की सफलता के बाद 6G की तैयारी: अमेरिका के नेतृत्व वाले ग्लोबल अलायंस में शामिल हुआ भारत

4

नई दिल्ली / वाशिंगटन: 5G सेवाओं के सफल और तीव्र विस्तार के बाद भारत ने अब अगली पीढ़ी की संचार क्रांति यानी 6G की दिशा में एक बेहद सशक्त और दूरगामी कदम बढ़ा दिया है।

दुनिया भर में जहां अभी 5G नेटवर्क का ढांचा खड़ा किया जा रहा है, वहीं भारत ने अपनी तकनीकी दूरदर्शिता दिखाते हुए भविष्य के 6G नेटवर्क की मजबूत नींव रख दी है। वैश्विक स्तर पर डिजिटल संप्रभुता और तकनीकी नेतृत्व स्थापित करने के उद्देश्य से भारत ने अमेरिका के नेतृत्व वाले एक प्रभावशाली ग्लोबल अलायंस में शामिल होने का आधिकारिक निर्णय लिया है।

यह रणनीतिक साझेदारी आने वाले वर्षों में देश के संपूर्ण टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम परिदृश्य को पूरी तरह बदल कर रख देगी। 6G तकनीक केवल सुपरफास्ट इंटरनेट स्पीड तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और ऑटोमेशन के हर क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।

🤝 6G नेटवर्क पर बड़ा वैश्विक गठबंधन: 25 देशों के मजबूत समूह का हिस्सा बना भारत

वैश्विक पहल और द्विपक्षीय बातचीत का विवरण:

  • 25 देशों का साझा मंच: अमेरिकी वाणिज्य विभाग के आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत अब 6G तकनीक के अनुसंधान, विकास और सुरक्षा मानकों को तय करने वाले 24 अन्य शक्तिशाली देशों के वैश्विक समूह का सक्रिय सदस्य बन गया है।

  • चैपल हिल में बनी सहमति: यह ऐतिहासिक समझौता अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित चैपल हिल में आयोजित G20 इनोवेशन मंत्री-स्तरीय बैठक के दौरान संपन्न हुआ।

  • उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता: इस शिखर सम्मेलन में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद तथा अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक के बीच विस्तृत द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसके बाद भारत के इस गठबंधन में शामिल होने पर औपचारिक मुहर लगाई गई।

🚀 G20 इनोवेशन बैठक में भारत का तकनीकी दबदबा: साझा सुरक्षा हितों पर जोर

सम्मेलन और कार्ययोजना की प्रमुख रूपरेखा:

  • भारतीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी: सम्मेलन में भारतीय दल का नेतृत्व राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने किया। उनके साथ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के वरिष्ठ नीति-निर्माता उपस्थित रहे।

  • साझा सुरक्षा और मानक: अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने जानकारी दी कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य भविष्य के दूरसंचार नेटवर्क में साझा सुरक्षा हितों को मजबूत करना, साइबर खतरों से निपटना और 6G इनोवेशन को गति देना है।

  • मंत्रियों का साझा घोषणापत्र: बैठक के समापन पर सभी सदस्य देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर रेखांकित किया कि नई और उभरती हुई डिजिटल प्रौद्योगिकियां दुनिया भर में आर्थिक समृद्धि और सामाजिक कल्याण के नए द्वार खोलेंगी।

💻 सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और AI डेटा सेंटर्स पर चर्चा: अमेरिकी निवेश की संभावनाएं

द्विपक्षीय तकनीकी प्राथमिकताओं का एजेंडा:

  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव के साथ सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और भारत के ‘सेमीकंडक्टर मिशन (ISM 2.0)’ में भारी अमेरिकी निवेश आकर्षित करने पर विशेष बल दिया।

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर्स: दोनों नेताओं के बीच सुरक्षित डेटा सेंटर्स के निर्माण, एडवांस्ड एआई कंप्यूटिंग और तकनीकी साझेदारी को नई ऊंचाई देने पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

  • डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़: जितिन प्रसाद ने स्पष्ट किया कि सेमीकंडक्टर, उच्च क्षमता वाले डेटा सेंटर्स और 6G नेटवर्क भविष्य की वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था के सबसे मजबूत स्तंभ हैं।

📡 भारत के तकनीकी भविष्य की नई रूपरेखा: साइबर सुरक्षा और DPI को मिलेगा बल

वैश्विक प्रभाव और देश को मिलने वाले लाभ:

  • ग्लोबल टेक एजेंडा में भागीदारी: अमेरिका के व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी (OSTP) और वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में भारत की सक्रिय भागीदारी ने स्पष्ट कर दिया है कि देश अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक तकनीकी नीतियां तय करने वाला अग्रणी राष्ट्र बन चुका है।

  • 5G से कई गुना तेज गति: आगामी 6G नेटवर्क वर्तमान 5G की तुलना में सैकड़ों गुना अधिक डेटा स्पीड और लगभग नगण्य लेटेंसी (Ultra-Low Latency) प्रदान करेगा।

  • साइबर सुरक्षा की मजबूत ढाल: यह अंतरराष्ट्रीय मंच उन्नत संचार तकनीकों के विकास के साथ-साथ डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की सुरक्षा और डेटा संप्रभुता की रक्षा के लिए एक अभेद्य वैश्विक ढाल के रूप में कार्य करेगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.