Bathinda News: कोट शमीर गांव में एक ही दिन 4 लोगों की संदिग्ध मौत, पूर्व पंच और पुलिसकर्मी समेत दो युवाओं ने तोड़ा दम
बठिंडा (पंजाब): जिले के कोट शमीर गांव से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां महज 24 घंटे के भीतर 4 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
प्राथमिक तौर पर आशंका व्यक्त की जा रही है कि चारों व्यक्तियों की जान साइलेंट हार्ट अटैक (दिल का दौरा पड़ने) के कारण गई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि मौतों के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत मेडिकल जांच और विसरा व पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही की जा सकेगी। इस आकस्मिक त्रासदी के चलते समूचे कोट शमीर गांव में गहरा शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
👥 मृतकों में पूर्व पंच, पंजाब पुलिस का जवान और दो युवा शामिल: परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतकों का परिचय और पारिवारिक पृष्ठभूमि:
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पूर्व पंच गुरजंट सिंह: गांव के प्रतिष्ठित पूर्व पंच गुरजंट सिंह लंबे अरसे से कृषि कार्य से जुड़े हुए थे और सामाजिक रूप से सक्रिय रहते थे।
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पुलिसकर्मी गुरप्रीत सिंह: दूसरे मृतक गुरप्रीत सिंह पंजाब पुलिस में सेवारत थे। कुछ वर्ष पूर्व उनके पिता अंग्रेज सिंह के देहांत के पश्चात उन्हें अनुकंपा के आधार पर यह सरकारी सेवा प्राप्त हुई थी।
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मैकेनिक गुरमेल सिंह उर्फ गेली: पेशे से कुशल इलेक्ट्रिकल मैकेनिक थे और गांव के विभिन्न सामाजिक व धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे।
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गांधी प्रजापत: गांव के ही एक अन्य सीधे-सादे और मिलनसार युवक गांधी प्रजापत की भी इसी दौरान आकस्मिक मृत्यु हो गई।
🏛️ कम उम्र में जान गंवाने वाले युवकों के परिजनों को आर्थिक मदद की मांग: पूर्व पार्षद ने उठाई आवाज
सामाजिक प्रतिक्रिया और मुआवजे की अपील:
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उम्र का अंतर: कोट शमीर के पूर्व पार्षद परमजीत सिंह पम्मा ने स्थिति पर दुख व्यक्त करते हुए बताया कि मृतकों में से दो लोगों की उम्र 50 वर्ष से अधिक थी, जबकि गुरप्रीत सिंह और गुरमेल सिंह 50 वर्ष से कम उम्र के युवा वर्ग में आते थे।
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सरकारी सहायता की गुहार: पूर्व पार्षद ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि असमय काल के गाल में समाने वाले दोनों कम उम्र के युवाओं के आश्रित परिजनों को तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा व सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
🩺 मिलावटी खानपान और असंतुलित जीवनशैली से बढ़ता जोखिम: स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
हृदय रोग के कारण और बचाव के मानक:
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धमनियों में रुकावट: चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, जब हृदय की मांसपेशियों तक रक्त, ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व पहुंचाने वाली कोरोनरी आर्टरी में प्लाक या थक्के के कारण रक्त संचार पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है, तब हार्ट अटैक की स्थिति बनती है।
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अस्वस्थ जीवनशैली: अत्यधिक फास्ट फूड, मिलावटी खाद्य तेलों का उपभोग, शारीरिक निष्क्रियता, मानसिक तनाव और बिगड़ी हुई दिनचर्या के कारण युवाओं में भी हृदय संबंधी गंभीर बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं।
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सावधानी बरतने की सलाह: डॉक्टरों ने आमजन से नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने, संतुलित व सात्विक आहार लेने और सीने में किसी भी प्रकार की बेचैनी या भारीपन को नजरअंदाज न करने की अपील की है।
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