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मानसून में शबाब पर कांकेर का मलाजकुडूम जलप्रपात: 3 चरणों में गिरती दूध नदी की धाराएं मोह रहीं सैलानियों का मन

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कांकेर (छत्तीसगढ़): प्राकृतिक सौंदर्य और मनमोहक नजारों के लिए विख्यात बस्तर संभाग की हरी-भरी वादियों और कलकल बहते झरनों का सौंदर्य बस्तर के प्रवेश द्वार यानी उत्तर बस्तर कांकेर जिले से ही शुरू हो जाता है।

मानसून के इस मौसम में कांकेर का सुप्रसिद्ध ‘मलाजकुडूम जलप्रपात’ अपने पूरे शबाब पर है। ऊंचाइयों से गिरती कभी दूधिया तो कभी मटमैली जलधाराएं और चारों तरफ फैली घनी हरियाली सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर रही है। प्रकृति की गोद में बसा यह खूबसूरत पर्यटन स्थल इन दिनों पर्यटकों से गुलजार है।

⛰️ 3 चरणों में गिरती है दूध नदी की धारा: 60 फीट तक की ऊंचाई से गिरता है पानी

जलप्रपात की बनावट और भौगोलिक विशेषताएं:

  • दूरी और स्थिति: मलाजकुडूम जलप्रपात जिला मुख्यालय कांकेर से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यह जीवनदायिनी दूध नदी क्षेत्र में पड़ता है।

  • तीन अलग-अलग चरण: यह जलप्रपात तीन अलग-अलग चरणों में गिरता है, जिसके कारण इसका दृश्य किसी सजीव प्राकृतिक कैनवास जैसा दिखाई देता है।

  • झरनों की ऊंचाई: तकनीकी तौर पर इसके अलग-अलग चरणों की ऊंचाई क्रमशः 10 मीटर, 15 मीटर और 9 मीटर मानी जाती है। वहीं स्थानीय स्तर पर इसके तीन स्तर लगभग 60 से 65 फीट, 40 से 45 फीट और 20 से 25 फीट की ऊंचाई से गिरते हैं।

🌦️ मानसून में उमड़ती है सैलानियों की भीड़: पूरे बस्तर का प्रमुख आकर्षण

पर्यटकों का रुझान और पर्यटन महत्व:

  • राज्यों से पहुंच रहे पर्यटक: बारिश के दिनों में मलाजकुडूम का विहंगम दृश्य देखने के लिए केवल कांकेर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी पहुंचते हैं।

  • बस्तर पर्यटन की पहचान: घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बहता यह झरना बस्तर संभाग के सबसे लोकप्रिय और आकर्षक पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।

🌿 स्थानीय ग्रामीण समिति ने संभाला मोर्चा: स्वच्छता और देखरेख की जिम्मेदारी

व्यवस्था और पर्यटन प्रबंधन:

  • ग्रामीणों की सकारात्मक पहल: मलाजकुडूम को पर्यटकों के लिए सुगम और स्वच्छ बनाए रखने के लिए स्थानीय ग्राम समिति ने व्यवस्था की कमान अपने हाथों में ली है।

  • सफाई और सुरक्षा प्रबंधन: समिति द्वारा जलप्रपात परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा निगरानी और पर्यटकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे पर्यटन स्थल सुव्यवस्थित और प्रदूषण मुक्त बना हुआ है।

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