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जश्न-ए-आजादी में उलेमाओं का किरदार: भोपाल में 15 वर्षों से आयोजित हो रहा विशेष पखवाड़ा

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भोपाल (मध्य प्रदेश): राजधानी भोपाल के बुधवारा स्थित चारबत्ती चौराहे पर ‘जंग-ए-आजादी में उलेमाओं की कुर्बानी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। भोपाल में पिछले 15 वर्षों से स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में यह पखवाड़ा निरंतर आयोजित किया जा रहा है।

इस वर्ष भी विभिन्न चरणों में आयोजित प्रतियोगिताओं का समापन 29 अगस्त को हुआ। इसमें कक्षा 5वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं ने आजादी के आंदोलन में क्रांतिकारी उलेमाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसके उपरांत प्रतिभागी बच्चों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

⚖️ ‘कांग्रेस की सरकार बनी तो UCC कानून होगा खत्म’: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का ऐलान

समान नागरिक संहिता (UCC) पर कांग्रेस का रुख:

  • सरकार बनते ही निरस्त करने की घोषणा: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने स्पष्ट किया कि यदि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू नहीं होने दिया जाएगा और इसे पूरी तरह समाप्त किया जाएगा।

  • कानून के औचित्य पर सवाल: उन्होंने कहा कि देश में इस प्रकार के विभाजनकारी कानून की कोई आवश्यकता नहीं है। केंद्र सरकार बड़े राज्यों में सहमति नहीं बना सकी और चुनिंदा राज्यों में इसे थोपने का प्रयास कर रही है।

  • सद्भाव की राजनीति: उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस सभी वर्गों, जातियों और समुदायों को समान अधिकार देने की पक्षधर है।

🕊️ ‘BJP करती है नफरत और बंटवारे की राजनीति’: प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का हमला

सामाजिक सौहार्द और राजनीतिक आरोप:

  • काले कानून की संज्ञा: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यूसीसी को विभाजनकारी बताते हुए कहा कि इस तरह के कानूनों से समाज और देश की प्रगति संभव नहीं है।

  • भाईचारे का संदेश: उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियां समाज में दूरी पैदा करती हैं, जबकि कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने और देश को जोड़ने का कार्य कर रही है।

📜 ‘इतिहास के पन्नों से मिटाए जा रहे मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों के नाम’: आरिफ मसूद

आयोजक विधायक के वक्तव्य और ऐतिहासिक संदर्भ:

  • बलिदानों को याद करने की पहल: विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में लाखों उलेमाओं और मुस्लिम रणबांकुरों ने हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर किए, लेकिन एक सोची-समझी रणनीति के तहत उनके योगदान को इतिहास से ओझल करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • आने वाली पीढ़ी को संदेश: उन्होंने बताया कि इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को आजादी की वास्तविक लड़ाई और सभी वर्गों के साझे बलिदानों से अवगत कराना है ताकि समाज में अमन और गंगा-जमुनी तहजीब बनी रहे।

🛑 मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव और दोहरे मापदंड का आरोप

भाषण के प्रमुख बिंदु और निष्कर्ष:

  • भेदभावपूर्ण नीतियां: आरिफ मसूद ने आरोप लगाया कि यूसीसी के मसौदे में कुछ वर्गों को छूट दी गई है, जबकि अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। यदि कानून सभी के लिए समान है, तो दोहरे मापदंड क्यों अपनाए जा रहे हैं।

  • संविधान की रक्षा का संकल्प: कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक ताने-बाने और हर वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

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