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झारखंड में नौकरी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर पुलिस का कड़ा एक्शन: गिरिडीह और हजारीबाग में 3 नई FIR, 900 से अधिक पर केस

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रांची/हजारीबाग/गिरिडीह (झारखंड): राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के मामले में कानूनी शिकंजा कस गया है।

अधिकारियों के अनुसार, गिरिडीह और हजारीबाग में सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमले और रास्ता जाम करने के आरोप में 39 नामजद और 900 से अधिक अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 3 नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। इससे पूर्व रांची के कोतवाली थाने में भी 14 नामजद और 200 अज्ञात लोगों पर 3 अलग-अलग केस दर्ज किए जा चुके हैं।

⚔️ हजारीबाग के कोर्रा थाने में 18 नामजद और 700 अज्ञात पर केस, 8 पुलिसकर्मी घायल

हजारीबाग की घटना और पुलिस रिपोर्ट:

  • पुतला दहन और टकराव: हजारीबाग सदर डीएसपी रूपक कुमार सिंह के अनुसार, 21 अगस्त को गांधी मैदान में हजारों छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंकने का प्रयास किया था, जिसे रोकने के दौरान पुलिस से सीधी झड़प हो गई।

  • सीओ के आवेदन पर प्राथमिकी: सदर क्षेत्राधिकारी (CO) आशुतोष कुमार के आवेदन पर कोर्रा पुलिस स्टेशन में 18 नामजद और 700 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है।

  • पुलिसकर्मी जख्मी: कोर्रा थाना प्रभारी नेमधारी रजक ने पुष्टि की कि पथराव और धक्का-मुक्की में 4 सब-इंस्पेक्टरों (SI) सहित कुल 8 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस सीसीटीवी व वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है, हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

🏛️ गिरिडीह में दो अलग-अलग FIR दर्ज: जेएमएम और एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर मुकदमे

गिरिडीह में दर्ज मामलों का ब्योरा:

  • पहली प्राथमिकी: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता अनीश राय के आवेदन पर दर्ज की गई है, जिसमें झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह सहित 11 नामजद और 20 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

  • दूसरी प्राथमिकी: सदर क्षेत्र निरीक्षक (CI) मनोज कुमार सिंह के आवेदन पर दर्ज हुई है, जिसमें करीब 10 लोगों को नामजद और 200 अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज किया गया है।

  • गंभीर आरोप: आरोपियों पर शहर के 5 प्रमुख स्थानों पर यातायात ठप करने, पुलिस से उलझने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप हैं।

❓ एक ही समय दो शहरों में कैसे मौजूद हो सकते हैं? छात्र नेताओं ने उठाए गंभीर सवाल

छात्र संगठनों के आरोप और विसंगतियां:

  • फर्जी मुकदमों का आरोप: जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के नेताओं ने राज्य सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने और जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाया है।

  • दोहरे नाम दर्ज: छात्र नेता पीयूष कुमार सिंह ने सवाल उठाया कि उनके साथ कुणाल पी. सिंह और रवींद्र प्रसाद का नाम रांची और हजारीबाग दोनों शहरों की एफआईआर में दर्ज किया गया है, जबकि कोई भी व्यक्ति एक ही समय में दो अलग-अलग स्थानों पर मौजूद नहीं हो सकता।

📢 ‘जेलें भर दो’: बाबूलाल मरांडी और आइशी घोष ने की एफआईआर वापसी की मांग

सियासी प्रतिक्रिया और पुलिस एडवाइजरी:

  • बाबूलाल मरांडी का अल्टीमेटम: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार की कड़ी निंदा करते हुए सभी मुकदमे तुरंत वापस लेने की मांग की और युवाओं से कहा कि यदि केस वापस नहीं होते हैं तो जेल भरो आंदोलन शुरू करें।

  • आइशी घोष का बयान: जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष व एसएफआई (SFI) नेता आइशी घोष ने कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं और सरकार को बर्बरता व मुकदमों के बजाय संवाद का रास्ता चुनना चाहिए।

  • पुलिस की एडवाइजरी: राज्य पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश जारी कर कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार के धरने, प्रदर्शन, जुलूस या सभा के आयोजन से पूर्व सक्षम प्राधिकारी से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य है।

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