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छाताबाद भूधंसान: 13 दिन बाद भी ‘आशियाना आंदोलन’ जारी, विधायक अनूप सिंह और सांसद ढुल्लू महतो में सियासी संग्राम

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धनबाद (झारखंड): कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद में हुए गंभीर भूधंसान के बाद प्रभावित परिवारों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है और यह मामला अब बड़े सियासी टकराव में तब्दील हो चुका है।

हादसे के 13 दिन बीत जाने के बावजूद उचित मुआवजा, सुरक्षित पुनर्वास और प्रभावित इलाकों को डेंजर जोन घोषित करने की मांग को लेकर पीड़ित परिवार अनिश्चितकालीन धरने पर डटे हुए हैं। वहीं इस मानवीय संकट पर बेरमो विधायक अनूप सिंह (जयमंगल सिंह) और धनबाद के भाजपा सांसद ढुल्लू महतो के बीच तीखा आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है, जो अब सोशल मीडिया पर समर्थकों के बीच रील और पोस्टर वॉर का रूप ले चुका है।

⚠️ 7 अगस्त को जमींदोज हुए थे 20 मकान, दर्जनों घायल और कई घरों पर अब भी खतरा

छाताबाद में हुए भूधंसान ने स्थानीय आबादी को बड़े पैमाने पर विस्थापित और असुरक्षित कर दिया है:

  • भारी तबाही: 7 अगस्त को अचानक हुई इस घटना में करीब 20 पक्के मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए थे और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे।

  • लगातार दहशत: मुख्य घटना के लगभग दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी आसपास के कई मकानों में दरारें आ रही हैं, जिससे स्थानीय आबादी के बीच भारी दहशत का माहौल है।

🪧 ‘आशियाना आंदोलन’: मुआवजा, पुनर्वास और डेंजर जोन के सर्वे पर अड़े प्रभावित परिवार

पीड़ित परिवारों ने अपनी मांगों को लेकर एसटीजी (STG) आउटसोर्सिंग परिसर में मोर्चा खोल रखा है:

  • प्रमुख मांगें: आंदोलनकारी परिवारों की स्पष्ट मांग है कि बेघर हुए सभी परिवारों को तत्काल उचित वित्तीय मुआवजा दिया जाए और सुरक्षित स्थान पर स्थायी रूप से पुनर्वासित किया जाए।

  • डेंजर जोन का चिन्हांकन: पूरे इलाके का वैज्ञानिक व तकनीकी सर्वे कराकर खतरनाक क्षेत्रों (डेंजर जोन) को चिह्नित किया जाए ताकि भविष्य के हादसों को रोका जा सके।

  • वार्ता रही बेनतीजा: प्रशासन, बीसीसीएल और आंदोलनकारियों के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता अब तक किसी ठोस समाधान तक नहीं पहुंच सकी है।

🤝 कई बड़े नेताओं ने किया दौरा, मंत्री इरफान अंसारी बोले- ‘सहायता में भेदभाव नहीं होगा’

घटना के बाद विभिन्न दलों के शीर्ष नेताओं ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से संवाद किया:

  • नेताओं का जमावड़ा: कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, बेरमो विधायक अनूप सिंह, मंत्री हफीजुल हसन और विधायक मथुरा महतो समेत कई प्रतिनिधियों ने घटनास्थल का जायजा लिया।

  • राहत का भरोसा: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि जनता के वोटिंग पैटर्न के आधार पर राहत, विकास या पुनर्वास कार्यों में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी प्रभावितों को हर संभव मदद दी जाएगी।

⚔️ विधायक अनूप सिंह और सांसद ढुल्लू महतो में जुबानी जंग, CBI जांच की मांग

हादसे के बाद राज्य का सियासी तापमान बढ़ गया है:

  • अनूप सिंह के आरोप: बेरमो विधायक अनूप सिंह ने क्षेत्र में कथित अवैध कोयला खनन और संगठित गतिविधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए सांसद ढुल्लू महतो को जिम्मेदार ठहराया।

  • ढुल्लू महतो का पलटवार: भाजपा सांसद ढुल्लू महतो ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राजनीतिक कारणों से उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बेरमो क्षेत्र में अवैध खनन की जांच सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग की।

📱 सोशल मीडिया पर पोस्टर और रील वॉर, प्रशासन पर टिकीं पीड़ितों की निगाहें

जमीनी स्तर के विरोध के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी राजनीतिक जंग छिड़ चुकी है:

  • समर्थकों का टकराव: दोनों प्रमुख नेताओं के समर्थक फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर रील, वीडियो और पोस्टरों के जरिए एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं।

  • प्रशासनिक कदम का इंतजार: नेताओं की जुबानी जंग के बीच बेघर हुए पीड़ित परिवार केवल खोखले आश्वासनों के बजाय जमीन पर ठोस प्रशासनिक कार्रवाई, सुरक्षित छत और त्वरित पुनर्वास की राह देख रहे हैं।

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