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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी ₹13,041 करोड़ के 5 मेगा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, रेल और रोड नेटवर्क को मिलेगी नई रफ्तार

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नई दिल्ली: देश के प्रमुख ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक बड़ा निर्णय लिया है। कैबिनेट ने रेल और सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने तथा व्यस्ततम रूटों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के उद्देश्य से कुल ₹13,041 करोड़ के संयुक्त निवेश वाली 4 रेलवे लाइन परियोजनाओं और 1 प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग (हाईवे) प्रोजेक्ट को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में नई व अतिरिक्त रेलवे पटरियां बिछाई जाएंगी, जबकि बिहार में अंतरराष्ट्रीय सीमा तक सीधा संपर्क स्थापित करने वाले रणनीतिक 4-लेन हाईवे का निर्माण किया जाएगा।

🛣️ बिहार को मिला ₹3,591 करोड़ का 4-लेन हाईवे, मुजफ्फरपुर से नेपाल बॉर्डर तक का सफर होगा आधा

बिहार राज्य में सड़क अवसंरचना को आधुनिक बनाने के लिए एक विशेष राजमार्ग परियोजना स्वीकृत की गई है:

  • रूट का विस्तार: यह फोर-लेन हाईवे मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और नेपाल सीमा के निकट स्थित सोनबरसा को आपस में जोड़ेगा।

  • लागत और समय-सीमा: परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹3,591 करोड़ है, जिसे 30 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

  • यात्रा समय में कटौती: इस अत्याधुनिक हाईवे के निर्माण से मुजफ्फरपुर से सोनबरसा के बीच यात्रा का समय 2 घंटे से घटकर मात्र 1 घंटा रह जाएगा।

  • रणनीतिक महत्व: यह मार्ग नेपाल सीमा के निकट होने के कारण सीमावर्ती व्यापार, स्थानीय पर्यटन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को तीव्र गति प्रदान करेगा।

🛤️ ₹3,352 करोड़ की लागत से बनेगी खड़गपुर-भद्रक चौथी रेल लाइन, बंदरगाहों को मिलेगा सीधा लाभ

पूर्वी भारत के औद्योगिक गलियारे को गति देने के लिए प्रमुख रेल परियोजना को हरी झंडी दी गई है:

  • परियोजना का दायरा: खड़गपुर से भद्रक के बीच 173 किलोमीटर लंबे रूट पर चौथी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी।

  • निवेश और अवधि: इस प्रोजेक्ट पर ₹3,352 करोड़ की लागत का अनुमान है और इसे 4 वर्षों में पूर्ण किया जाएगा।

  • कनेक्टिविटी: यह परियोजना बालासोर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट (कोलकाता) और पारादीप पोर्ट के बीच माल ढुलाई तथा यात्री परिवहन को सुगम बनाएगी।

⚡ भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन परियोजना को मिली मंजूरी, कोलफील्ड्स को पहुंचेगा फायदा

औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्रों की लॉजिस्टिक जरूरतों को पूरा करने के लिए रेल ट्रैक का विस्तार किया जाएगा:

  • लागत व लंबाई: भद्रक से हरिदासपुर के बीच 75 किलोमीटर लंबी चौथी लाइन के निर्माण पर ₹1,583 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

  • प्रमुख औद्योगिक केंद्र: यह रूट टाटानगर, जखारुरी और केरेजांग जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे जोड़ेगा।

  • कोयला परिवहन: इस अतिरिक्त लाइन के तैयार होने से महानदी कोलफील्ड्स (MCL) से कोयला और खनिज संसाधनों की तेज व निर्बाध निकासी संभव हो सकेगी।

🔄 कटक-पारादीप और गुम्मिडिपंडी-गुदुर रेल लाइनों से बढ़ेगी दक्षिण व पूर्वी भारत की क्षमता

रेलवे नेटवर्क की क्षमता और गतिशीलता बढ़ाने के लिए दो अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है:

  • गुम्मिडिपंडी-गुदुर प्रोजेक्ट: आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु गलियारे पर 90 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी लाइन ₹2,229 करोड़ की लागत से तैयार होगी।

  • कटक-पारादीप लाइन: ओडिशा में कटक से पारादीप पोर्ट तक तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण पर ₹2,286 करोड़ का निवेश किया जाएगा।

  • समग्र प्रभाव: ये सभी रेल परियोजनाएं देश के प्रमुख बंदरगाहों, औद्योगिक केंद्रों और खनिज क्षेत्रों के बीच मालगाड़ियों व यात्री ट्रेनों की समयबद्ध आवाजाही सुनिश्चित करेंगी।

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