सीजफायर वार्ता के बीच इजराइली मंत्री का आक्रामक रुख: पूरे गाजा में बस्तियां बसाने की कही बात, निरस्त्रीकरण पर अड़े नेतन्याहू
यरूशलेम: मध्य पूर्व में गाजा पट्टी को लेकर जारी तनाव और संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति समझौते के प्रयास जारी हैं। इसी दौरान इजराइल की बेंजामिन नेतन्याहू गठबंधन सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने एक पॉडकास्ट में अत्यंत आक्रामक और विवादित टिप्पणियां की हैं। उन्होंने गाजा में दैनिक आधार पर व्यापक सैन्य कार्रवाई और लक्षित हमलों (Targeted Killings) की वकालत करते हुए बेहद कठोर बयान दिए हैं। पूर्व में बंधक रहे रोम ब्रास्लाव्स्की के साथ चर्चा के दौरान दिए गए उनके इस भड़काऊ बयान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हो रही है।
🏙️ पूरे गाजा क्षेत्र में बस्तियां बसाने और आबादी स्थानांतरण की वकालत
कट्टरपंथी नेता बेन-ग्विर ने गाजा पट्टी के भविष्य को लेकर अपने विचार रखते हुए कहा कि वे संपूर्ण गाजा क्षेत्र में इजराइली बस्तियों के विस्तार के पक्षधर हैं:
-
बस्तियों का निर्माण: उन्होंने कहा कि पुनर्वास केवल गुश कातिफ तक सीमित न रहकर पूरे गाजा क्षेत्र में होना चाहिए।
-
आबादी का विस्थापन: बेन-ग्विर ने तर्क दिया कि फिलिस्तीनियों को क्षेत्र छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए ताकि वहां इजराइली बस्तियों की स्थापना की जा सके।
-
सख्त सैन्य कार्रवाई: उन्होंने चरमपंथियों के खिलाफ किसी भी प्रकार के समझौते का विरोध करते हुए पूर्ण सैन्य उन्मूलन की बात दोहराई।
🤝 पीएम नेतन्याहू और अमेरिकी दूत जेरेड कुशनर के बीच मैराथन बैठक
इतामार बेन-ग्विर के ये बयान ऐसे समय में सामने आए हैं जब अमेरिका के मध्य पूर्व दूत जेरेड कुशनर ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ यरूशलेम में घंटों लंबी उच्च स्तरीय बैठक की है:
-
हथियार सौंपने की शर्त: इस शांति प्रस्ताव के तहत हमास के निरस्त्रीकरण और इजराइली सेना की चरणबद्ध वापसी की रूपरेखा शामिल है।
-
निगरानी व्यवस्था: वार्ता के अनुसार, एक अमेरिकी जनरल की निगरानी में हमास के हथियार सरेंडर कराने पर चर्चा हुई, हालांकि नेतन्याहू ने जोर दिया है कि पूर्ण निरस्त्रीकरण से पहले सेना की वापसी संभव नहीं होगी।
-
मिस्र वार्ता के बाद मुलाकात: अमेरिकी दूत ने मिस्र में हमास प्रतिनिधियों के साथ हुई अप्रत्यक्ष बातचीत के बाद इजराइली नेतृत्व से मुलाकात की है, जहां दोनों पक्षों ने सुरक्षा शर्तों पर अपना-अपना रुख रखा है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.