नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र निरंतर जारी है, जहाँ विपक्ष छात्रों पर दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग पर अड़ा हुआ है। विपक्षी दलों का कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाने की अनुमति किसने प्रदान की, इस पर गृह मंत्री को संसद में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इस बीच, पूर्व शिक्षा मंत्री और ओडिशा के संबलपुर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस पर छात्रों के मुद्दों को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है, साथ ही झारखंड में छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन पर राहुल गांधी की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
🤥 “आदतन झूठे हैं राहुल गांधी, सदन में जवाब सुनने की क्षमता नहीं”: धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर करते हुए कांग्रेस की रणनीति पर कड़ा प्रहार किया।
उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों के नाम पर कांग्रेस निरंतर भ्रामक जानकारियां और झूठ फैला रही है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पास कोई ठोस तथ्य उपलब्ध नहीं हैं। आदतन झूठ बोलने वाले विपक्ष के नेता न तो संसद में बैठना चाहते हैं और न ही सरकार का आधिकारिक उत्तर सुनना चाहते हैं। राहुल गांधी का ध्येय केवल अपना एजेंडा फैलाकर युवाओं के समक्ष घड़ियाली आंसू बहाना है।
🏛️ “लोकतंत्र के मंदिर का अपमान कर रही कांग्रेस, गृह मंत्री पर लगाए जा रहे झूठे आरोप”
पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि गृह मंत्री अमित शाह पर बिना किसी तथ्य के अनर्गल आरोप लगाना राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की घोर राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक विषय पर संसद में स्वस्थ और नियमबद्ध चर्चा के लिए सदैव तत्पर है, किंतु कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र के पावन मंदिर ‘संसद भवन’ की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न कर देश और युवाओं के भविष्य को आघात पहुंचा रही है। कांग्रेस की मंशा जनहित नहीं बल्कि अपने राजनीतिक हितों को सर्वोपरि रखने की है। जब भी सदन में सार्थक बहस प्रारंभ होती है, ये नेता बाहर आकर हंगामा करने लगते हैं क्योंकि इनमें सच सुनने का साहस नहीं है।
⚖️ “कांग्रेस का लोकतंत्र सिलेक्टिव है”: झारखंड में छात्रों पर बर्बरता पर राहुल गांधी की चुप्पी पर उठाए सवाल
झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई का उल्लेख करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का लोकतंत्र पूरी तरह से ‘सिलेक्टिव’ (चयनात्मक) है।
उन्होंने कहा, “जहाँ अपनी या सहयोगी दल की सरकार हो, वहाँ युवाओं पर हिंसा की जाती है और जहाँ राजनीति चमकाने का अवसर मिले, वहाँ झूठ और हंगामा खड़ा किया जाता है।” उन्होंने कहा कि झारखंड में निर्दोष छात्रों के साथ जो बर्बरता हुई, उसे पूरे देश ने देखा है। सवाल यह उठता है कि प्रत्येक छोटे-बड़े विषय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले राहुल गांधी इस गंभीर विषय पर आज मौन क्यों साधे हुए हैं?
🚩 “युवा कांग्रेस के दोहरे चरित्र को पहचान चुका है, तानाशाही के लिए लोकतंत्र में स्थान नहीं”
बीजेपी सांसद ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि देश का जागरूक युवा अब कांग्रेस के इस दोहरे मापदंड और चरित्र को भली-भांति समझ चुका है।
उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में तानाशाही सोच के लिए कोई स्थान नहीं है। यह बात राहुल गांधी और आपातकाल की मानसिकता से संचालित होने वाली कांग्रेस पार्टी को अच्छी तरह से समझ लेनी चाहिए कि देश के युवा अब उनके झांसे में आने वाले नहीं हैं।
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