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संसद में नीट पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई पर हंगामा: गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग पर अड़ा विपक्ष, सदन स्थगित

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नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिसिया बल प्रयोग के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के आधिकारिक बयान की मांग को लेकर संसद में गतिरोध लगातार गहराता जा रहा है।

मानसून सत्र की शुरुआत से ही दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही प्रतिदिन बाधित हो रही है। विपक्षी दलों की मांग को स्वीकार करते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सूचित किया था कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में इस विषय पर विस्तार से उत्तर देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके बावजूद हंगामे के कारण गृह मंत्री का वक्तव्य संभव नहीं हो सका, जिसके बाद अब सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या आज सदन में उनका भाषण हो पाएगा? इस बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने तंज कसते हुए कहा कि, “मैंने पहली बार देखा है कि सत्ताधारी दल के सांसद विरोध में खड़े हैं। कम से कम हमने उन्हें ऐसा करने पर मजबूर तो किया। अब अमित शाह को सदन में आकर वक्तव्य देना चाहिए।”

🗣️ “सरकार चर्चा के लिए तैयार, लेकिन विपक्ष को पूरा जवाब सुनना होगा”: किरेन रिजिजू का स्पष्टीकरण

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को लोकसभा में सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि सरकार विद्यार्थियों के हितों से जुड़े किसी भी विषय पर बहस से पीछे नहीं हट रही है।

उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह छात्रों के मुद्दे पर विस्तार से जवाब देने के लिए तत्पर हैं, किंतु विपक्ष को भी संसदीय मर्यादा का पालन करते हुए उनका पूरा वक्तव्य शांतिपूर्वक सुनना होगा। रिजिजू ने यह वक्तव्य तब दिया जब अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की बर्बरता के आरोपों को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों के सांसदों ने वेल में आकर जोरदार नारेबाजी की, जिसके चलते सदन की बैठक बार-बार स्थगित करनी पड़ी।

🏛️ दोनों सदनों की कार्यवाही आज भी बाधित, लोकसभा दोपहर 2 बजे तक और राज्यसभा 12 बजे तक स्थगित

सरकार की ओर से गृह मंत्री के जवाब देने का आश्वासन मिलने के बाद भी मंगलवार सुबह जैसे ही संसद की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने हंगामा प्रारंभ कर दिया।

विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे और तख्तियां लहराने के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। यही स्थिति राज्यसभा में भी देखने को मिली, जहाँ हंगामे के कारण उच्च सदन की बैठक दोपहर 12 बजे तक के लिए मुल्तवी कर दी गई।

💔 “तख्तियां लेकर न आएं सांसद, सदन न चलने से मन व्यथित है”: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की भावुक अपील

सदन की कार्यवाही में व्यवधान पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक का उल्लेख किया।

स्पीकर बिरला ने कहा, “कल बीएसी की बैठक में मैंने सभी दलों से सदन को सुचारू रूप से चलाने का अनुरोध किया था। आप छात्रों के विषय पर चर्चा चाहते थे और सरकार व गृह मंत्री जवाब देने को तैयार हैं। अब दोनों पक्षों को आपसी सहमति से रास्ता निकालना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। सदस्यों द्वारा तख्तियां लेकर वेल में आना संसदीय गरिमा के अनुकूल नहीं है। सदन का न चलना मेरे मन को अत्यंत दुखी करता है। जनता से जुड़े विषयों पर संसद में सार्थक बहस होनी चाहिए।”

⚡ मानसून सत्र पर मंडराए अनिश्चितता के बादल, चंदा चोरी और नीट मुद्दे पर विपक्ष आक्रामक

उल्लेखनीय है कि चालू मानसून सत्र के प्रथम दिन से ही अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं (चंदा चोरी) पर चर्चा तथा नीट परीक्षा धांधली के खिलाफ आंदोलनरत छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग के मुद्दे छाए हुए हैं।

विपक्ष गृह मंत्री से सीधे जवाब की मांग पर अड़ा हुआ है, जबकि पीठ और सरकार की ओर से लगातार शांतिपूर्वक चर्चा में भाग लेने का आह्वान किया जा रहा है। आपसी गतिरोध समाप्त न होने के कारण मानसून सत्र में जनहित के कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य ठप पड़े हैं।

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