Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ajay Devgn Highest Grossing Films: 'दृश्यम 3' की ताबड़तोड़ कमाई, क्या अजय देवगन की ये फिल्म तोड़ पाए... सऊदी अरब पर हूती हमलों के बीच रियाद में अहम बैठक: मक्का डिफेंस पैक्ट एक्टिवेट, पाकिस्तान और तुर्की क... Food Inflation India: खाने-पीने की चीजों की महंगाई पर आरबीआई और अर्थशास्त्रियों की चेतावनी, क्या और ... WhatsApp Scam Alert Feature: वॉट्सऐप लाने जा रहा है स्कैम अलर्ट फीचर, अनजान नंबरों के फ्रॉड से बचाएग... Pitru Visarjan Amavasya 2026: पूर्वजों को समर्पित सर्वपितृ अमावस्या पर इस विधि से करें श्राद्ध और तर... Coloured Cities of India: भारत के इन 5 खूबसूरत शहरों को क्यों कहा जाता है रंगों के नाम से, जानिए इसक... Delhi Police ACP Promotion Controversy: जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में घिरे विवेक भगत, दिल्ली सरकार ने... Harmanpreet Kaur Resigns: हरमनप्रीत कौर ने छोड़ी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी, तीनों फॉर्मेट ... Justice Nitin Sambre Appointed: जस्टिस डीके उपाध्याय के सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट होने के बाद जस्टिस ... West Bengal By-Election: नंदीग्राम और रेजीनगर पर महासंग्राम, बंगाल में बीजेपी के पहले राजनीतिक परीक्...

प्राइमरी मार्केट में कमाई का महा-कुंभ: 30 सितंबर की SEBI डेडलाइन से पहले ₹45,000 करोड़ के IPO लाने की होड़!

13

मुंबई (महाराष्ट्र): भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट (Primary Market) में निवेशकों के लिए कमाई का एक अभूतपूर्व महा-कुंभ शुरू होने जा रहा है।

30 सितंबर की वित्तीय डेडलाइन समाप्त होने से पूर्व दलाल स्ट्रीट (Dalal Street) पर आईपीओ (IPO) लाने की एक होड़ मच चुकी है। देश की लगभग 34 दिग्गज कंपनियां बाजार से ₹45,000 करोड़ की भारी-भरकम राशि जुटाने के उद्देश्य से अपने पब्लिक इश्यू (Public Issue) लॉन्च करने की पुरजोर तैयारियों में जुटी हैं। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमानुसार, कंपनियों द्वारा जमा किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में मार्च तिमाही के ऑडिटेड वित्तीय आंकड़ों (Audited Financials) की वैधता केवल 30 सितंबर तक ही मान्य होती है। इस समय-सीमा के समाप्त होने पर कंपनियों को पुनः नए सिरे से वित्तीय विवरण तैयार कराने पड़ते हैं, जिससे बचने हेतु बाजार में यह हड़बड़ी देखी जा रही है।

💼 कॉरपोरेट विस्तार और कर्ज चुकाने में होगा पूंजी का उपयोग, SEBI ने दी इश्यू साइज बढ़ाने की छूट

टेक्नोलॉजी, फिनटेक, रिटेल, हेल्थकेयर, रिन्यूएबल एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे बहुआयामी सेक्टर्स की इन कंपनियों में रिटेल तथा संस्थागत निवेशकों (DIIs/FIIs) के लिए अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने का यह बेहतरीन अवसर है।

सार्वजनिक निर्गमों से जुटाई जाने वाली पूंजी का बड़ा हिस्सा कंपनियां अपने बिजनेस एक्सपेंशन (CapEx) और पुराने कर्जों के पुनर्भुगतान में प्रयुक्त करेंगी, जिससे कॉरपोरेट संवृद्धि को गति मिलेगी। राहत की बात यह है कि मार्केट रेगुलेटर सेबी ने कंपनियों को नए ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए बिना इश्यू साइज को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने या संशोधित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है, जबकि पूर्व में यह सीमा मात्र 20 प्रतिशत तक ही सीमित थी।

⏳ 35 वर्किंग डेज की सीमित समय-सीमा, क्रेडीला से लेकर प्रेस्टीज हॉस्पिटैलिटी तक के DRHP की मियाद खत्म होने के करीब

प्राइम डेटाबेस (Prime Database) के आंकड़ों के अनुसार, क्रेडीला फाइनेंशियल सर्विसेज, डॉर्फ-केटल केमिकल्स इंडिया, कंटिन्यूम ग्रीन एनर्जी, वेरिटास फाइनेंस, प्रेस्टीज हॉस्पिटैलिटी वेंचर और इनोवेटिवव्यू इंडिया जैसी प्रमुख कंपनियों के DRHP की वैधता 30 सितंबर को समाप्त हो रही है।

10 अगस्त से 30 सितंबर के मध्य यद्यपि 52 दिनों का अंतराल उपलब्ध है, किंतु सप्ताहांत की छुट्टियों तथा 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के ट्रेडिंग अवकाश को घटाने के पश्चात कंपनियों के पास कार्य निष्पादन हेतु केवल 35 कार्य दिवस (Working Days) ही शेष रह जाते हैं। इसके बावजूद मर्चेंट बैंकर्स अधिक चिंतित नहीं हैं, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की घटती कीमतें और एशियाई बाजारों में एआई-बेस्ड वैल्यूएशन में आई स्थिरता के चलते विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) पुनः भारतीय बाजारों में लिवाली कर रहे हैं।

📈 जुलाई-अगस्त में ₹40,000 करोड़ के IPO कतार में, 2026 के पहले 7 महीनों में जुटाए गए ₹51,000 करोड़

कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं इक्विटी कैपिटल मार्केट्स के हेड कौशल शाह के अनुसार, बाजार में निर्गम लाने हेतु अभी पर्याप्त समय उपलब्ध है।

अगस्त के मध्य तक कई बड़े IPO पहले से ही कतारबद्ध हैं। जुलाई माह में 12 इश्यू के माध्यम से लगभग ₹28,649 करोड़ जुटाए जाने के पश्चात, अगस्त माह में अब तक 8 IPO लॉन्च किए जा चुके हैं, जिनसे ₹10,636 करोड़ जुटाए गए। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 के प्रथम सात महीनों में द्वितीयक बाजार (Secondary Market) की उथल-पुथल के बावजूद 39 IPO से ₹51,000 करोड़ जुटाए जा चुके हैं। शाह का अनुमान है कि अकेले जुलाई-अगस्त की अवधि में लगभग ₹40,000 करोड़ के इश्यू कतार में खड़े हैं।

💸 री-फाइलिंग में लगता है ₹5 करोड़ तक का अतिरिक्त खर्च, ज़ेप्टो जैसे वैल्यूएशन विवादों से सीख ले रही हैं कंपनियां

प्राइमरी मार्केट के स्वतंत्र विशेषज्ञ दीपक जसानी का मानना है कि नया DRHP दाखिल करना किसी भी कंपनी का पसंदीदा विकल्प नहीं होता।

री-फाइलिंग की इस प्रक्रिया में ₹3 से ₹5 करोड़ का नया प्रशासनिक खर्च, सेबी की पुनः फाइलिंग फीस, अद्यतन ऑडिटेड वित्तीय विवरण, नई कानूनी जांच-पड़ताल और सेबी के समीक्षा चक्र में 60 से 90 दिनों का अतिरिक्त विलंब हो जाता है। प्राइम डेटाबेस ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रणव हल्दिया के अनुसार, री-फाइलिंग के इस झंझट और व्यय से बचने के लिए कई कंपनियों ने बाजार परिस्थितियों के अनुरूप अपने वैल्यूएशन में कटौती की है या इश्यू का आकार घटाया है। संस्थागत निवेशकों द्वारा अत्यधिक वैल्यूएशन पर उठाई गई आपत्तियों के कारण भी कुछ कंपनियों को अपने शेयर बिक्री टालनी पड़ी है, जैसा कि हाल ही में क्विक-कॉमर्स कंपनी ज़ेप्टो (Zepto) के मामले में देखा गया था।

🎯 ये कंपनियां भी हैं IPO लॉन्च की कतार में, 2027 तक ₹2.22 लाख करोड़ जुटाने की है महा-योजना

30 सितंबर की समय-सीमा से पूर्व अपने IPO बाजार में उतारने की दौड़ में करमतारा इंजीनियरिंग, इमेजिन मार्केटिंग (boAt), मौरी टेक, रवि इंफ्राबिल्ड प्रोजेक्ट्स, ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज, रुनवाल एंटरप्राइजेज, RITE वॉटर सॉल्यूशंस, LCC प्रोजेक्ट्स, प्रोजील ग्रीन एनर्जी और ए वन स्टील्स इंडिया जैसी अन्य कंपनियां भी शामिल हैं।

यह सिलसिला केवल सितंबर माह तक ही सीमित नहीं रहेगा। प्राइम डेटाबेस के अनुसार, 30 सितंबर की डेडलाइन वाली 34 कंपनियों के अतिरिक्त SEBI की पूर्व-मंजूरी प्राप्त 133 अन्य कंपनियां जुलाई 2027 तक IPO के जरिए कुल मिलाकर ₹2.22 लाख करोड़ से अधिक की पूंजी जुटाने की महत्वाकांक्षी योजना पर कार्य कर रही हैं। अंततः सफलता मूल्य (Pricing) और सही समय (Timing) के मध्य सटीक संतुलन स्थापित करने पर निर्भर करेगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.