जबलपुर में ‘बोल बम’ के जयकारों से गुंजायमान हुआ माहौल, रांझी में निकाली गई भव्य संस्कार कांवड़ यात्रा
जबलपुर (मध्य प्रदेश): ‘बोल कांवड़िया, बोल बम…’ के पावन जयघोष जब मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के आकाश में गूंजे, तो उपस्थित श्रद्धालुओं का रोम-रोम भक्ति और उत्साह से भर उठा।
ढोल-नगाड़ों और ताशों की गूंजती थाप पर हजारों कांवड़िए झूमते नजर आए। 10 अगस्त को जबलपुर का संपूर्ण रांझी क्षेत्र पूरी तरह से भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। अवसर था रांझी क्षेत्र में भव्य रूप से आयोजित की गई ऐतिहासिक ‘संस्कार कांवड़ यात्रा’ का, जिसमें अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा।
🌺 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हुए शामिल, उठाई कांवड़, बजाया डमरू और दादा गुरु संग चले पैदल
इस पावन संस्कार कांवड़ यात्रा में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से सहभागिता की।
उन्होंने यात्रा मार्ग पर कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने कंधों पर कांवड़ उठाई, अत्यंत उत्साह के साथ डमरू बजाया और परम पूज्य दादा गुरु के साथ कांवड़ यात्रा में पैदल चले। इस अवसर पर क्षेत्र के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।
🌊 “कांवड़ियों का सैलाब समुद्र की लहरों जैसा”: सावन सोमवार पर बोले सीएम डॉ. मोहन यादव
कांवड़ यात्रा के दौरान उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज पवित्र श्रावण मास का सोमवारी पर्व है और मां नर्मदा का पावन आशीर्वाद समस्त प्रदेशवासियों को प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने हेतु कांवड़िए मां नर्मदा का जल लेकर आगे बढ़ रहे हैं। कांवड़ियों का यह विशाल जनसैलाब समुद्र की हिलोरें मारती लहरों के समान दिखाई दे रहा है। कांवड़िए अपनी कठिन साधना, अटूट भक्ति और संकल्प के साथ मां नर्मदा का जल लेकर निकले हैं, और मां नर्मदा स्वयं जल स्वरूप होकर अपने भक्तों के साथ इस यात्रा में विराजमान हैं।
🚩 “सनातन संस्कृति को मजबूत कर रही है हमारी सरकार”: धार्मिक पर्यटन और सुविधाओं पर दिया बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में अनेक कांवड़ यात्राएं देखी हैं, किंतु इतनी विशाल और दिव्य कांवड़ यात्रा वे प्रथम बार देख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पवित्र श्रावण मास भगवान भोलेनाथ की अनन्य भक्ति का समय है और सभी कांवड़िए दादा गुरु के पावन नेतृत्व में पूर्ण श्रद्धाभाव के साथ अग्रसर हैं। डॉ. यादव ने रेखांकित किया कि प्रदेश सरकार सनातन संस्कृति को अक्षुण्ण रखने, श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा प्रदान करने तथा प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने हेतु कटिबद्ध होकर कार्य कर रही है। एक तरफ जहां कांवड़ यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सभी देवस्थानों का कायाकल्प किया जा रहा है।
✨ “जीवन का मर्म केवल खाना-पीना नहीं, नर्मदा के कण-कण में बसे हैं शंकर”: सीएम का प्रेरक संदेश
संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस यात्रा में सम्मिलित संत समाज यह अमर संदेश देता है कि जीवन केवल भौतिक खान-पान तक सीमित नहीं है, अपितु पवित्रता के मार्ग पर चलकर ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है।
उन्होंने दादा गुरु का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल जल के आधार पर जीवन व्यतीत कर उन्होंने एक अद्भुत साधना का उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा के कण-कण में भगवान शंकर का वास है और वे इस भव्य यात्रा के सफल आयोजन हेतु सभी आयोजकों व कांवड़ियों को बधाई देते हैं।
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