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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बड़ा अपडेट: अभी इतना काम है बाकी, इन वाहनों को नहीं देना होगा 1 रुपया भी टोल; NHAI ने दी पूरी डिटेल

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दिल्ली से देहरादून के बीच बनने वाले बहुप्रतीक्षित दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे अब लगभग पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है. जल्द ही इसे आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी की जारी है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग यानी NHAI की और से इस मार्ग पर टोल वसूली की भी तैयारी शुरू करने की तैयारी की जा रही है. अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और केवल कुछ स्थानों पर सर्विस रोड और अंतिम चरण के काम बाकी है, जिसे लगभग 12 से 15 दिन में पूरा करने का दावा किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि इन जगहों पर तेजी से कम किया जा रहा है और करीब एक महीने के भीतर इस एक्सप्रेसवे को आम लोगों के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाएगा.

इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 210 से 213 किलोमीटर है. इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर लगभग 12 हजार करोड रुपए खर्च किए गए हैं. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सड़क संपर्क पहले की तुलना में काफी बेहतर और तेज हो जाएगा. अभी दिल्ली से देहरादून पहुंचने में आमतौर पर पांच से छह घंटे तक का समय लग जाता है. लेकिन एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद यह दूरी लगभग ढाई से 3 घंटे में की जा सकेगी. इससे यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा अधिक सुरक्षित में आरामदायक होगी.

अधिकारियों का कहना है कि इस एक्सप्रेसवे के निर्माण को बेहतर तरीके से बनाया गया है. एनएचएआई के बागपत कार्यालय के मैनेजर अंकित ने बताया कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे लगभग बनकर तैयार हो चुका है. उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर अभी सर्विस रोड और छोटी तकनीकी पर काम चल रहे हैं, जिन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने ये भी बताया कि बीच-बीच में एक्सप्रेसवे का ट्रायल भी किया जा रहा है, ताकि सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा सके. फिलहाल इसे आम लोगों के लिए पूरी तरह से नहीं खोला गया है. उन्होंने बताया कि अनुमान है कि करीब एक महीने के भीतर इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा.

इन जगहों पर होंगे मुख्य टोल प्लाजा और इंटरचेंज

दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के लिए प्रमुख टोल प्लाजा बनाए गए हैं. आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार बागपत जिले के कांठा गांव के पास मुख्य टोल प्लाजा बनाया गया है. जबकि सहारनपुर जिले के रसूलपुर खेड़ी अहमद गांव के पास दूसरा मुख्य टोल प्लाजा प्रस्तावित है. इन स्थानों से एक्सप्रेसवे पर गुजरने वाले वाहनों से टोल वसूली की जाएगी. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली से देहरादून तक कर से पूरे सफर के लिए करीब 675 का टोल देना पड़ सकता है. जबकि एक ही दिन में आने-जाने वाले यात्रियों के लिए राउंड ऑफ ट्रिप लगभग 1010 रुपये तक हो सकता है.

इन वाहनों को नहीं देना होगा टोल

हल्के वाणिज्यिक वाहन जैसे छोटा हाथी पिकअप मिनी बस के लिए पूरे मार्ग पर 1000 से लेकर 1100 रुपये तक का टोल लग सकता है. वहीं, बस और दो एक्सल वाले ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए 2000 से लेकर 2300 रुपये तक का टोल देना पड़ सकता है. इसके अलावा तीन एक्सल और बड़े कमर्शियल ट्रक के लिए यह टोल लगभग 2300 से लेकर 2500 रुपये तक का टोल हो सकता है. सबसे खास बात यह है कि दो पहिया वाहनों को टोल नहीं देना पड़ेगा.

इस एक्सप्रेसवे पर फास्टैग के जरिए टूल वसूली की जाएगी जिससे टोल बूथ पर जाम नहीं लगेगा और यातायात सुचारू रूप से चलता रहेगा. इन मुख्य टोल बूथ के बाद इस बीच कई जगहों पर दिल्ली से लेकर देहरादून तक बीच-बीच में इंटरचेंज भी बनाए गए हैं. ताकि ईस्टर्न पेरीफेरल गाजियाबाद नोएडा के बाद बड़ौत, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली जैसी मुख्य जगहों पर एग्जिट और एंट्री पॉइंट भी शामिल किए गए हैं. ताकि लोगों को इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ने में आसानी हो सके.

लोग बेरिकेडिंग हटाकर कर रहे यात्रा, NHAI ने दी चेतावनी

एनएचआई के बागपत कार्यलय में तैनात मैनेजर अंकित आनंद ने यह भी बताया कि एक्सप्रेसवे के आसपास रहने वाले कुछ लोग बेरिकेडिंग हटाकर इस मार्ग पर प्रवेश कर रहे हैं और यात्रा भी कर रहे हैं जो की पूरी तरह गलत और खतरनाक है. अभी एक्सप्रेसवे आधिकारिक रूप से चालू नहीं हुआ है और कई स्थानों पर काम चल रहा है. ऐसे में इस तरह के लापरवाही से दुर्घटना होने की संभावना बढ़ सकती है. एनएचएआई ने लोगों से अपील की है कि जब तक एक्सप्रेसवे को अधिकारी रूप से आम लोगों के लिए नहीं खोला जाता तब तक इस पदयात्रा करने से बचें और सुरक्षा नियमों का पालन करें.

पर्यटन और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद में केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा. उत्तराखंड जाने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और दिल्ली पश्चिम उत्तर प्रदेश और देहरादून के बीच व्यापारिक गतिविधियां भी तेज होगी. अधिकारियों का मानना है कि एक्सप्रेस से आने वाले समय में क्षेत्र की आर्थिक विकास की भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

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