Aditya Thackeray on Middle East Crisis: आदित्य ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी से मांगा स्पष्टीकरण, बोले— “देश में ईंधन संकट पर संसद में सच बताएं पीएम”
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर भारत पर भी दिखाई दे रहा है. शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को संसद में और राज्य के मुख्यमंत्री को महाराष्ट्र में स्पष्ट बयान देना चाहिए. हाल ही में आई आर्थिक सर्वे रिपोर्ट में भी कुछ चिंताजनक संकेत मिले हैं. कृषि क्षेत्र में सुस्ती आई है. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर भी धीमा पड़ा है. ऊर्जा और सप्लाई से जुड़ा उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है.
आदित्य ठाकरे ने कहा कि फिलहाल माहौल शांत दिख रहा है और मीडिया में इसका ज्यादा प्रतिबिंब नहीं दिख रहा लेकिन लोगों के मन में चिंता जरूर है. सेवा क्षेत्र में भी असर दिखाई देने लगा है. चाहे सिलेंडर गैस हो या रेस्टोरेंट और अन्य सेवाएं…बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई, पुणे, लखनऊ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में इसका प्रभाव महसूस किया जा रहा है.
‘…तो कठिनाइयों का सामना करना आसान होगा’
महाराष्ट्र की आर्थिक सर्वे रिपोर्ट में भी सेवा क्षेत्र में दबाव की बात सामने आई है. यह स्थिति नकारात्मक न बने, इसके लिए मुख्यमंत्री को लोगों को भरोसा देना चाहिए. मैं मानता हूं कि चुनौतियां आएंगी लेकिन सरकार पारदर्शिता के साथ सभी को साथ लेकर चले और लोगों को वास्तविक स्थिति बताए तो इन कठिनाइयों का सामना करना आसान होगा.
सरकार के दावे और हकीकत में काफी अंतर
JNPT में एक्सपोर्ट से जुड़ी परेशानियों पर उन्होंने कहा कि सरकार जो कह रही है और जमीनी हकीकत में काफी अंतर दिखाई देता है. कई मामलों में जमीन और आसमान का फर्क नजर आता है. इसलिए जरूरी है कि वास्तविक स्थिति को स्वीकार कर उस पर खुलकर चर्चा की जाए क्योंकि इसका असर लगभग हर सेक्टर पर पड़ने वाला है.
इसके साथ ही उन्होंने गरगई डैम को लेकर एक पोस्ट में लिखा,आज पार्टी के स्टैंडिंग कमेटी मेंबर्स ने गरगई डैम के प्रपोज़ल का जोरदार विरोध किया. मुंबई को पानी की ज़रूरत है लेकिन डीसैलिनेशन से हमें कम खर्च में ज़्यादा पानी मिलेगा…एनवायरनमेंट और फाइनेंशियली. गरगई डैम मुंबई की नहीं, बल्कि कॉन्ट्रैक्टर्स की प्यास बुझाने के लिए बनाया जा रहा है.
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