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चंडीगढ़ : हरियाणा में धड़ल्ले से काटी जा रही अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए सरकार कड़ा कदम उठाने जा रही है। अब एक एकड़ से कम रिक्त भूमि की अदला-बदली के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्यता होगा। सरकार इसके लिए हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास एवं विनियमन (संशोधन) 2026 लाएगी। विधेयक अभी एक एकड़ से कम क्षेत्रफल की किसी रिक्त भूमि की अदला-बदली, विक्रय, पट्टा या उपहार के रूप के रूप में अंतरण के लिए दस्तावेज के पंजीकरण से पहले नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक या अधिकृत किसी अधिकारी के माध्यम से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) का नियम है। अब सरकार विधेयक में संशोधन करके नियमों को सख्त बनाएगी।

सरकार का उद्देश्य धारा-7 के तहत क्षेत्र में आने वाली जमीनों की अदला-बदली को रोकना है। अब धारा-7 ए में संशोधन करके सरकार विनियमन विलेख को भी उक्त प्रावधानों में शामिल करेगी। इससे अवैध कॉलोनियों में ऐसे भूखंडों की खरीद-फरोख्त को रोका जा सकेगा।

सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ छोटे भूखंडों की अदला-बदली करके बाद में अधिसूचित शहरी क्षेत्रों में कहीं बड़े या अधिक मूल्यवान भूखंड लिए जा रहे हैं। ऐसे लेन-देन कानूनी रूप से अदला-बदली (एक्सचेंज) कहलाते हैं मगर अप्रत्यक्ष रूप से विक्रय लेन-देन होते हैं। सरकार को इन कारणों से राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।

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