Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Rahul Gandhi on CEC: 'ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा, PM करवाएंगे इस्तीफा', CWC बैठक में राहुल गांधी ... 'मुसलमानों को निशाना बनाने की साजिश', धर्मवार आंकड़े मांगने पर भड़के ओवैसी Delhi Pollution GRAP 2026: सर्दियों से पहले CAQM का बड़ा फैसला, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियो... चुनाव प्रक्रिया पर फिर उठे गंभीर सवाल: महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की चिट्ठी से मचा सियासी ... BJP State Incharges Meeting: बीजेपी मुख्यालय में 4 घंटे चली मैराथन बैठक, नितिन नबीन ने प्रभारियों को... Smriti Irani on Congress: हार की बौखलाहट में चुनाव आयोग पर हमला कर रही कांग्रेस, स्मृति ईरानी का तीख... Delhi Police Drug Bust: लेडी डॉन पार्वती के घर से सोना, नकदी और 4 संपत्तियों के कागजात जब्त; अंतरराज... Ketan Agarwal Murder Case: पुणे में रूह कंपाने वाली साजिश, 5,053 पन्नों की चार्जशीट में 'डेथ कैप मशर... Agra-Lucknow Expressway Accident: फिरोजाबाद में भीषण सड़क हादसा, इटावा DFO विकास नायक और उनके ड्राइव... Former IAS Divya Mittal: पूर्व IAS दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, बिना किसी दल के बनाएंगी अपना...

अंबाला के ढाबों पर मंडराया संकट! कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत से चूल्हे ठंडे; संचालकों की सरकार से गुहार—”साहब! कोई तो इंतजाम करो”

25

अंबाला: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग का असर अब भारत समेत हरियाणा में भी दिख रहा है. कमर्शियल एलपीजी गैस का असर सूबे के कारोबारियों पर नजर आ रहा है. अंबाला के ढाबा संचालकों ने कहा कि गैस सिलेंडरों की कमी के चलते उन्हें काफी परेशानी हो रही है. दूसरी ओर साइंस उद्योग भी इससे अछूता नहीं है, क्योंकि वहां पर भी गैस का काफी इस्तेमाल होता है.

ढाबा संचालक बोले- ‘गैस सिलेंडर ना मिलने से हो रही परेशानी’: अंबाला के ढाबा संचालकों ने इस मुद्दे पर बताया कि एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी के चलते उन्हें काफी परेशानी हो रही है. उनके पास पूरे सिलेंडर उपलब्ध नहीं है. जिससे उनके सामने एलपीजी गैस खत्म होने की चिंता सता रही है. छोले भटूरे का काम करने वाले रेहड़ी चालक ने कहा कि उनकी दुकान भी सही से नहीं खुल पा रही है, क्योंकि कमर्शियल गैस सिलेंडर की उनको किल्लत हो रही है. जिस एजेंसी में भी जाओ, तो वहां शॉर्टेज की बात कह कर सिलेंडर देने से इनकार कर दिया जाता है.

‘कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत’: मिठाई बनाने वाले हलवाई का कहना है कि वो कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं. गैस एजेंसी का कहना है कि कम से कम एक सप्ताह तक सिलेंडर की किल्लत रहेगी. उनका कहना है कि उनके पास केवल 2 दिन का ही ईंधन बचा है. आगे कैसे काम चलाएंगे. ये उन्हें खुद भी नहीं पता. उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि किसी तरह से ऐसी व्यवस्था कराई जाए कि उनका काम चलता रहे, क्योंकि बिना सिलेंडर के उनका काम चलना बड़ा मुश्किल हो गया है. कोयले और लकड़ी से अब वो काम नहीं हो सकते.

साइंस उद्योग पर भी असर: वहीं साइंस का काम करने वाले लोगों ने बताया कि इस युद्ध के कारण एलपीजी गैस की समस्या जरूर हो रही है, लेकिन ऐसे समय में वे सरकार के साथ हैं, लेकिन सरकार को इसका कुछ समाधान भी निकालना चाहिए, क्योंकि सरकार ऐसे में जो स्मॉल इंडस्ट्री के व्यापारी हैं. उन्होंने अपने वर्कर्स से कहना शुरू कर दिया है कि अगर गैस की प्रॉब्लम रही है, तो वो अभी उनसे काम नहीं करवा पाएंगे. गैस की समस्या अभी भी नहीं है. लोग पैनिक ज्यादा हो रहे हैं. इस कारण से समस्या नजर आ रही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.