Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
झड़ते बालों से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें ये 8 सुपरफूड्स, तेजी से बढ़ेगी बालों की ग्रोथ मुजफ्फरपुर में ATM कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश: मास्टरमाइंड सन्नी बाबा गिरफ्तार, 74 ... अयोध्या राम मंदिर के नए CEO की रेस तेज: 5,300 आवेदनों में से 18 शार्टलिस्ट, 11-12 अगस्त को अयोध्या म... "जब तक जातिवाद रहेगा, आरक्षण जारी रहेगा": मोहन भागवत की अपील पर बसपा प्रमुख मायावती का पलटवार फतेहगढ़ साहिब में भीषण सड़क हादसा: गंगोत्री से लौट रहे कांवड़ियों को कार ने रौंदा, फरीदकोट के 3 श्रद... दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों को बड़ी सौगात, छठ पूजा से पूर्व शुरू होगी 6 प्रमुख शहरों के लिए ... लखनऊ में सीएम योगी के नेतृत्व में निकली भव्य तिरंगा यात्रा: 5 कालिदास मार्ग से विधानभवन तक उमड़ा जनस... JPSC-JSSC आंदोलन का 16वां दिन: आज सरकार संग अंतिम दौर की वार्ता; छात्र नेता देवेंद्र महतो की तबीयत ब... BSF Firing Amritsar: घरिंडा के BOP दाओके में BSF की फायरिंग, सीमा पार करने की कोशिश कर रहा संदिग्ध ढ... भारत में डेटा सेंटर क्रांति: 2030 तक पैदा होंगी 4.33 लाख नौकरियां, रियल एस्टेट में 19.5 करोड़ वर्ग फ...

SBI में ‘बड़ी सेंध’! फरीदाबाद में बैंक मैनेजर ने ही साथियों के साथ मिलकर तोड़े ग्राहकों के लॉकर; 8 महीने बाद ऐसे खुला ‘महा-घोटाला’

24

फरीदाबाद: फरीदाबाद में SBI की सेक्टर-15 स्थित शाखा में लाकर तोड़ने के मामले में पुलिस ने बैंक मैनेजर सहित 4 को हिरासत में लेकर काफी देर तक पूछताछ की। इसके बाद चारों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। इनमें तत्कालीन बैंक मैनेजर प्रीति कटारिया, एके सिंह, भावना नरवाल और वैंडर नीरज शर्मा शामिल है। वैंडर नीरज शर्मा ने अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी जिसको कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

जानकारी के अनुसार सेक्टर-15ए निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट डीसी गर्ग ने पुलिस को शिकायत देते हुए कहा था कि उनका SBI की सेक्टर-15 ब्रांच में 2014 से लॉकर है। उनका इस बैंक में अकाउंट भी है, जिससे लॉकर की फीस कटती है। उनके पास लाकर की चाबी भी है। उन्होंने लाकर में लगभग एक किलोग्राम सोना और लगभग तीन किलोग्राम चांदी के गहने रखे थे।

उन्होंने आठ महीने पहले ही लाकर आपरेट किया था। उनकी पत्नी नीलम लाकर आपरेट करने गईं, लेकिन बैंक कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि उनका लाकर वहां नहीं है। जब उन्होंने लाकर नंबर बताया, तो उन्होंने कहा कि लाकर किसी और के नाम पर रजिस्टर्ड है। जब डीसी गर्ग ने लाकर के अंदर रखे सामान के बारे में पूछा, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

उन्होंने यह भी पूछा कि जब लाकर तोड़ा गया तो क्या प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन फिर से उन्हें कोई सही जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी क्राइम मुकेश मल्होत्रा ने बताया कि चारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दस्तावेजी सबूत बैंक अधिकारियों के खिलाफ है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.